पश्चिम बंगाल में पुलिस और सीबीआई के टकराव से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अपना धरना खत्म कर दिया है. सोशल मीडिया में इस पूरे घटनाक्रम की आज भी खूब चर्चा है. यहां कई लोगों ने इस प्रकरण को बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य से जोड़कर प्रतिक्रियाएं दी हैं और अपने-अपने निष्कर्ष निकाले हैं. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, ‘ममता बनाम मोदी, यह दोनों के लिए फायदेमंद स्थिति है... लेकिन कांग्रेस और वाम मोर्चा इस बीच बंगाल में पिछड़ गए हैं...’

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर फैसला दिया है कि वह कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ कर सकती है लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. ट्विटर और फेसबुक पर भाजपा समर्थकों ने इसे ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका बताया है. वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इसे अपनी ‘नैतिक जीत’ कहा है. भारतीय राजनीति में ‘नैतिक जीत’ बड़ा ही लोकप्रिय बयान रहा है और बंगाल प्रकरण के चलते आज यह ट्विटर पर एक ट्रेंडिंग टॉपिक बना है. यहां इस पर बड़ी ही दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आई हैं. जैसे एक यूज़र ने लिखा है, ‘अब मुझे ‘नैतिक जीत’ का साफ-साफ मतलब और परिभाषा बताई जाए...’ इसी तरह ट्विटर हैंडल @DEOKINAGRAWAL पर प्रतिक्रिया है, ‘नैतिक जीत तभी होती है, जब कोई असल में कोई जीत नहीं होती...’

सोशल मीडिया में बंगाल से जुड़े आज के घटनाक्रम पर आई कुछ और खास प्रतिक्रियाएं :

संतोष कुटे | @santoshKKute

ममता बनर्जी लोकतंत्र को कुछ इस तरह बचा रही हैं :

श्रीमॉय तालुकदार | @sreemoytalukdar

भाजपा के लिए बंगाल में खोने को कुछ नहीं है लेकिन ममता बनर्जी मतदाताओं का ध्रुवीकरण करके यहां भाजपा को मुख्य विपक्षी पार्टी जरूर बना देंगी. जहां तक राष्ट्रीय राजनीति का सवाल है तो यहां ममता बनर्जी फायदे में रहेंगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे भाजपा को कोई नुकसान होगा ही.

अभिजीत मजूमदार | @abhijitmajumder

भारत के खिलाफ 4-1 से एकदिवसीय सीरीज हारने वाली न्यूजीलैंड को भी ममता बनर्जी से सीख लेकर भारत के खिलाफ नैतिक जीत की घोषणा कर देनी चाहिए.

शकुनि मामा | @ShakuniUncle now

‘नैतिक जीत’ को लेकर बड़ा बवाल मचा है. अब अगर सुप्रीम कोर्ट ही इसकी परिभाषा भी तय कर दे तो फिर लोगों का कन्फ्यूजन दूर हो जाएगा.

कह के पहनो |‏ @coolfunnytshirt

मैं उम्मीद करता हूं कि ममता दीदी को आने वाले चुनावों में भी ऐसी ही ‘नैतिक जीत’ मिले!