केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की घोषणा की है. इसके तहत प्रत्येक किसान को हर साल 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. लेकिन यह राशि एक औसत किसान की सालाना आय का पांच प्रतिशत भी नहीं है. हिंदुस्तान टाइम्स ने नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) के आंकड़ों का विश्लेषण कर यह रिपोर्ट दी है.

अखबार के मुताबिक 2018-19 में एक औसत किसान प्रति माह 10,329 रुपये की आय कमाएगा. इस हिसाब से उसकी सालाना आय एक लाख 23,948 रुपये होगी. रिपोर्ट के मुताबिक इस हिसाब से पीएम-किसान के तहत मिलने वाली राशि किसान की सालाना आय से पांच प्रतिशत से भी कम है. रिपोर्ट में एनएसएसओ की 2016 की एक रिपोर्ट का जिक्र है. इस रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई 2012 से जून 2013 के बीच एक औसत किसान परिवार की मासिक आय 6,426 रुपये और वार्षिक आय 77,112 रुपये थी.

वहीं, खेती के लिए उपलब्ध जमीन के हिसाब से किसानों की आय में काफी अंतर पाया गया. जिन किसानों के पास खेती के लिए 0.01-0.4 हेक्टेयर जमीन थी, उनकी मासिक 4,152 रुपये थी. जबकि दस हेक्टेयर की जमीन वाले किसानों की मासिक आय 41,388 रुपये थी. वहीं, दो हेक्टेयर तक की जमीन पर खेती करन वाले सीमांत किसानों की बात करें तो उनकी मासिक आय 5,240 रुपये निकली. गौरतलब है कि मोदी सरकार ने इन्हीं किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की घोषणा की है.

एनएसएसओ की रिपोर्ट यह भी बताती है कि पीएम-किसान के तहत आने वाले किसानों की संख्या देश के कुल किसान परिवारों का 87 प्रतिशत है. ऐसे हरेक किसान की मासिक आय अब 8,422 रुपये है. मोदी सरकार में मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने एक इंटरव्यू में कहा है कि पीएम-किसान के जरिए इन किसानों को मिलने वाली सहायता राशि उनकी वार्षिक आय का 17 प्रतिशत होगी. लेकिन एनएसएसओ के डेटा विश्लेषण के मुताबिक इस योजना से किसानों को उनकी कुल वार्षिक आय का छह प्रतिशत ही मिल पाएगा.