सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए पांच सदस्यों की टीम बनाई गई है. हालांकि अभी पूछताछ की तारीख़ तय नहीं की गई है.

ख़बरों के मुताबिक राजीव कुमार से पूछताछ करने वाली टीम की अगुवाई सीबीआई के डीएसपी (उपपुलिस अधीक्षक) रैंक के अधिकारी तथागत बर्धन को सौंपी गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में सीबीआई को शारदा चिटफंड घोटाले के बाबत पूछताछ करनी है. ख़बरों की मानें तो इस संबंध में राजीव कुमार ने मंगलवार की दोपहर एक पत्र सीबीआई को भेजा है. इसमें पूछताछ के लिए अपनी रज़ामंदी और उपलब्धता बताई है.

सूत्र बताते हैं कि इस पूछताछ के सिलसिले में सीबीआई के दिल्ली स्थित मुख्यालय में मंगलवार को बैठकों का सिलसिला चलता रहा. इसमें इस पर विचार-विमर्श किया गया कि राजीव कुमार से पूछताछ की रूपरेखा क्या हो सकती है. बताया जाता है कि इस विचार-विमर्श के बाद तय हुआ है कि राजीव कुमार से फिलहाल मुख्य रूप से शारदा घोटाले की जांच से जुड़े गुमशुदा दस्तावेज़, साक्ष्य आदि के बारे में ही प्रश्न किए जाएं. क्याेंकि माना जा रहा है कि ये सभी चीजें अब भी राजीव कुमार के ही कब्ज़े में हैं.

ग़ौरतलब है कि शारदा चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई राजीव कुमार से पूछताछ की काफी समय से कोशिश कर रही है. लेकिन उसकी कोशिश अब तक सफल नहीं हुई है. इस बाबत रविवार को जब सीबीआई टीम कोलकाता पहुंची तो उसकी पश्चिम बंगाल पुलिस से झड़प हो गई. पश्चिम बंगाल पुलिस ने सीबीआई टीम के सदस्यों को हिरासत में ले लिया. काफ़ी मशक्क़त के बाद उनकी रिहाई हुई. यही नहीं सीबीआई की कार्रवाई के विराेध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक धरने पर बैठी रहीं.

तीन दिन बाद ममता बनर्जी ने इसी मंगलवार को अपना धरना ख़त्म किया. इस बीच सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसने मंगलवार को ही आदेश दिया कि राजीव कुमार से पूछताछ हो सकती है पर उन्हें ग़िरफ़्तार नहीं किया जा सकता. ग़ौर करने की बात यह भी है कि सीबीआई को सौंपे जाने से पहले राजीव कुमार की अगुवाई वाली विशेष टीम ही शारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही थी. इसीलिए सीबीआई के लिए उनसे पूछताछ करना ज़रूरी है. ताकि जांच की कुछ छूटी हुई कड़ियां जोड़ी जा सकें.