कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के तीन संभावित बाग़ी विधायकाें को अहम पदों पर नियुक्त किया है. यह नियुक्तियां इस मंशा से की गईं ताकि विधानसभा में बजट पेश करने और उसे पारित कराने में सरकार को किसी तरह की दिक्क़त या असहज स्थिति का सामना न करना पड़े.

ख़बरों के मुताबिक एचडी कुमारस्वामी आठ फरवरी, शुक्रवार को राज्य विधानसभा में बजट पेश कर रहे हैं. इसके एक दिन पहले उन्हाेंने कांग्रेस विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल को वेयरहाउस कॉरपाेरेशन का अध्यक्ष बनाया. मस्की विधानसभा सीट से चुने गए प्रताप गौड़ा वेयरहाउस कॉरपोरेशन में कांग्रेस के ही विधायक उमेश जाधव की जगह ले रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की बैठक से उमेश जाधव अनुपस्थित रहे थे. वे भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में बताए जाते हैं.

पाटिल के अलावा रायचूर ग्रामीण के कांग्रेस विधायक बासनगौड़ा डड्‌डल अनुसूचित जनजाति कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए हैं. जबकि हासन से कांग्रेस के विधायक गोपालस्वामी को जलसंसाधन मंत्रालय में संसदीय सचिव नियुक्त किया गया है. बीते साल दिसंबर में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान मंत्री न बनाए जाने से ये विधायक नाराज़ थे. इनके बारे में माना जा रहा था कि ये पार्टी के चार अन्य बाग़ी विधायकों के साथ मिलकर सरकार के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि कर्नाटक कांग्रेस में विधायकों का असंतोष शांत नहीं हो पाया है. बुधवार को बजट के पहले ही दिन कांग्रेस के चार विधायक (रमेश जरकीहोली, उमेश जाधव, महेश कुमतल्ली और बी नागेंद्र) सदन से नदारद रहे थे. जबकि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान उपस्थित रहने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकाें को व्हिप जारी किया था. इसीलिए मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को आशंका थी कि अगर कुछ और विधायक इन बाग़ियों से मिल गए तो बजट पारित कराने में दिक्क़त हो सकती है.