बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) नेता तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को आदेश दिया कि तेजस्वी जल्द से जल्द बिहार के उपमुख्यमंत्री का सरकारी बंगला खाली कर दें. उन्हें नेता प्रतिपक्ष के लिए नियत बंगले में जाने को कहा गया है. तेजस्वी फिलहाल बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ही हैं.

ख़बरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में मामला तेजस्वी यादव ही लेकर गए थे. उन्होंने पटना हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी. लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका ख़ारिज़ कर दी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने तेजस्वी पर 50,000 रुपए का ज़ुर्माना भी लगाया क्योंकि उन्होंने सरकार के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी. बेंच में जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना भी शामिल थे.

ग़ौरतलब है कि 2015 में नीतीश कुमार की जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) ने आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. क़रीब दो साल दोनों दलों ने मिलकर सरकार भी चलाई. उस समय तेजस्वी उपमुख्यमंत्री हुआ करते थे. लेकिन 2017 में जेडीयू ने आरजेडी से रास्ता अलग कर लिया और भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना ली. भाजपा के सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया. दूसरी तरफ तेजस्वी से उपमुख्यमंत्री का बंगला खाली करने को कह दिया गया. लेकिन वे आदेश मानने के बजाय मामला अदालत में ले गए थे.