प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक रैली की. इस मौके पर उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ​जमकर हमला बोला. खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस हफ्ते ममता बनर्जी उन लोगों के लिए धरने पर बैठ गईं जिन्होंने गरीबों का पैसा लूटा है. इसके साथ ही सवालिया लहजे में उन्होंने कहा, ‘आखिर ममता दीदी चिटफंड घोटाले की जांच से इतना डरी हुई क्यों हैं. जिन लोगों पर इस घोटाले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप हैं क्यों वह उनके लिए धरना दे रही हैं.’

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘मां, माटी और मानुष के नाम पर आप लोगों ने जिन्हें सत्ता सौंपी उन्होंने आज खून-खराबे की संस्कृति अपना ली है. बंगाल में आज शासन तो दीदी का है लेकिन दादागिरी किसी और की चल रही है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन में तमाम सरकारी योजनाओं पर आज बिचौलियों और दलालों का अधिकार है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘आज दीदी दिल्ली जाने के लिए बेचैन हो रही हैं. लेकिन बंगाल के गरीबों और मध्यवर्ग को उन्होंने सिंडिकेट के गठबंधन द्वारा लूटने के लिए छोड़ दिया है.’

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के हर उस व्यक्ति को ‘नरेंद्र मोदी के नाम से कष्ट है जो भ्रष्टाचार में लिप्त है.’ लेकिन भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी करने वालों लोगों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार बख्शने वाली नहीं है. मोदी के मुताबिक, ‘देश की सेना से धोखा करने वालों को विदेश से लेकर आने में हमारी सरकार को कामयाबी मिली है. इसी तरह बैंकों का पैसा लेकर फरार भगोड़ों को स्वदेश लाए जाने की कवायद जारी है. ऐसे सभी लोगों को कानून के सामने पेश किया जाएगा.’

अपने भाषण के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तृणमूल सरकार विदेशी घुसपैठियों का तो स्वागत करती है. लेकिन भाजपा नेताओं को राज्य में आने नहीं देना चाहती. इस मौके पर उन्होंने बंगाल के साथ अपना रिश्ता भी बताया. उन्होंने कहा कि राज्य के इस हिस्से में पैदा होने वाली चाय दुनियाभर में मशहूर है. यहां के लोग चाय उगाने वाले हैं और वे एक चाय बनाने वाले.

इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने ‘तीन तलाक विधेयक’ को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस तुष्टिकरण की किस हद तक जा सकती है यह गुरुवार को साबित हो गया. इस पार्टी ने शुरू से ही तीन तलाक विधेयक का विरोध किया. जो गलती पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय की गई थी उसी को कांग्रेस फिर दोहरा रही है.’ मोदी के मुताबिक, ‘कांग्रेस ने इस विधेयक को पहले संसद में रुकवाने की कोशिश की थी. लेकिन अब वह इसे साफ तौर पर पूरी तरह खत्म करने की बात करने लगी है.’