अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ की वह खबर जिसमें दावा किया गया है कि रफाल सौदे पर मोलभाव के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय फ्रांस सरकार से समानांतर बातचीत कर रहा था, आज सोशल मीडिया पर चल रही बहस के केंद्र में है. इस खबर के मुताबिक इस बातचीत पर रक्षा मंत्रालय ने आपत्ति भी जताई थी और कहा था कि इससे उसकी मोलभाव करने की क्षमता कम हुई है. इस खबर के चलते विरोधियों ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा किया है.

यह खबर द हिंदू के प्रधान संपादक एन राम की बाइलाइन (यानी इस मामले का पता उन्हें ही चला था और यह खबर उन्हीं ने लिखी है) से प्रकाशित हुई है. इसके चलते सोशल पर वे ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुए हैं. वहीं यह अखबार अपने नाम की वजह से यहां मजेदार प्रतिक्रियाओं का हिस्सा बना है. चूंकि सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों ने ‘द हिंदू’ की खूब आलोचना की है सो इस हवाले से ट्विटर हैंडल @Vishj05 के जरिए चुटकी ली गई है, ‘...अब यह कहने का वक्त आ गया है कि हिंदू खतरे में हैं.’

यह खबर रक्षा मंत्रालय के एक पत्र की बुनियाद पर तैयार हुई है, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय के रफाल सौदे में दखल देने का जिक्र है और इस पर आपत्ति भी जताई गई है. इस पत्र की तस्वीर कुछ इस तरह प्रकाशित हुई है कि इसमें तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर की नोटिंग कट गई है. इसको लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थकों ने द हिंदू पर पक्षपाती पत्रकारिता करने का आरोप लगाया है. इसके चलते ट्विटर पर CropLikeTheHindu टॉपिक के तहत ज्यादातर लोगों ने इस अखबार को निशाने पर लिया है.

दिलचस्प बात है कि एन राम ने ही एक जमाने में बोफोर्स घोटाले का मामला उजागर किया था. आज कई लोगों ने उस घटना का जिक्र करते हुए उनकी तारीफ की है. चर्चित वकील प्रशांत भूषण का ट्वीट है, ‘एन राम और द हिंदू को खोजी पत्रकारिता की तरफ लौटते हुए और बड़े धमाके करते हुए देखकर खुशी हो रही है. आज के खुलासे से प्रधानमंत्री की रफाल सौदे में भूमिका साफ हो गई है. यह मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी, वैसे ही जैसे एन राम के बोफोर्स से जुड़े खुलासे ने राजीव गांधी सरकार को तबाह कर दिया था.’

इस खबर को लेकर सोशल मीडिया में आई कुछ और खास प्रतिक्रियाएं :

रोशन राय | @RoshanKrRai

प्रधानमंत्री मोदी - अगर किसी ने कुछ नहीं किया तो वो जांच से क्यों डरेगा
लेकिन मोदी सरकार रफाल सौदे पर संयुक्त संसदीय समिति से जांच की कांग्रेस की मांग को खारिज भी करती है...लोकेश एन | @lokeshn169

पीएमओ के रफाल सौदे में दखल की आलोचना बंद की जाए. इस दखल से बहुत मदद मिली है. अंतर आप खुद देखिए :

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आशीष प्रदीप | facebook

कल कांग्रेस मुस्लिमों को लेकर आगे बढ़ रही थी और आज ‘द हिन्दू’ को लेकर.

सुमंथ रमन | @sumanthraman 10h10 hours ago

द हिंदू का खुलासा बताता है कि पीएमओ ने रक्षा मंत्रालय के मोलभाव से जुड़ी बातचीत को किनारे कर रफाल सौदे में दखल दिया था. लेकिन यह इस सौदे में भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है.

रोफल गांधी | @RoflGandhi_

सब एक्सपर्ट्स और थिंकर्स को बाजू करके हमारे प्रधानमंत्री खुद रफाल का मोलभाव कर रहे थे, फ्रांस वालों से. क्योंकि न तो कोई और इतना ईमानदार है, न किसी और के पास ऐसी एडवांस डिग्री है और न ही किसी और को इतनी फर्राटेदार फ्रेंच आती है. पता नहीं क्या होगा इनके बाद देश का!