सुप्रीम कोर्ट ने अरावली क्षेत्र में अवैध खनन के मुद्दे पर राजस्थान सरकार से शुक्रवार को कहा कि वह उसे कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर न करे. राजस्थान सरकार ने अरावली क्षेत्र में अवैध खनन की हकीकत का जमीनी सबूत जुटाने के लिए और समय की मांग की है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके आदेश को पूरा करने में संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्क्रियता बरती जा रही है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव से कहा, ‘हमें आप अपने खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर न करें. न्यायालय ने जैसा निर्देश दिया था, आपने काम पूरा नहीं किया. इससे पहले आप ने कहा था कि जमीनी सबूत जुटाने का काम तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा. संबंधित अधिकारियों द्वारा इस मामले में निष्क्रियता बरती गई है. यह कार्य चार मार्च तक पूरा होना चाहिए, नहीं तो हम इस मामले में अवमानना के लिए मुख्य सचिव को जिम्मेदार ठहराएंगे.’

न्यायालय ने राजस्थान में झुनझुनु जिले के मोडा पहाड़ क्षेत्र में खनन को नियंत्रित कर दिया है और अधिकारियों को खुदाई के सभी कार्य रोकने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता वाली एक पीठ ने राजस्थान सरकार से खनन के क्रियाशील पट्टों का सभी प्रासंगिक ब्यौरा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के जिम्मेदार लोगों के नाम 15 फरवरी तक पेश करने को कहा है.