गोवंश हत्या के आरोपितों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गई है. पहले दिग्विजय सिंह ने पार्टी की इस कार्रवाई को अनावश्यक बताया था. अब कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आरोपितों के खिलाफ रासुका लगाए जाने पर अपनी अस्वीकृति जाहिर की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शुक्रवार को एक किताब के विमोचन के मौके पर पी चिदंबरम ने आरोपितों पर रासुका लगाए जाने को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बारे में राज्य सरकार से बात की है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी ने मध्य प्रदेश में अपने नेतृत्व को भी अपनी आपत्तियों के बारे में सूचित कर दिया है.

विमोचन के दौरान चिदंबरम ने राम मंदिर और सबरीमला मामले पर भी अपनी राय दी. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि राम मंदिर लोगों के ‘विश्वास’ का मुद्दा है, जबकि सबरीमला का मामला ‘प्रथा’ से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि दोनों मामलों को मिलाना नहीं चाहिए. खबर के मुताबिक पूर्व वित्त मंत्री ने इन दोनों मुद्दों को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘राम मंदिर प्रथा का मामला नहीं है. यह विश्वास का मामला है. जबकि सबरीमला एक प्रथा है जो कि आधुनिक संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है.’