कर्नाटक कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता बीएस येद्दियुरप्पा ने राज्य की सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें छोड़ी नहीं हैं. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को आरोप लगाया कि बीएस ‘येद्दियुरप्पा ने कांग्रेस के 18 विधायकों को पार्टी छोड़ने के एवज़ में 10-10 करोड़ रुपए देने की पेशकश की है.’

कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘बीएस येद्दियुरप्पा 50 करोड़ रुपए विधानसभा अध्यक्ष को देने की पेशकश भी की है. येद्दियुरप्पा राज्य की सरकार को अस्थिर करने के लिए क़रीब 200 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार हैं.’ इस दौरान सुरजेवाला ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इस साज़िश में शामिल हैं. भाजपा किसी भी कीमत पर राज्य में सरकार बनाना चाहती है.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘भाजपा का दावा तो यहां तक है कि वह न्यायपालिका को भी अपने पाले में कर सकती है. देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को ख़ुद इस दावे पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए.’ ग़ाैरतलब है कि शुक्रवार के राज्य का बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक ऑडियो टेप जारी किया था. इसमें कथित तौर पर बीएस येद्दियुरप्पा जेडीएस (जनता दल-सेकुलर) के विधायकों को पार्टी छोड़ने के एवज़ में पैसे देने का प्रलोभन देते सुनाई दिए थे.

बताया जाता है कि इसी ऑडियो में कथित तौर पर न्यायपालिका को अपने पाले में कर लेने का दावा भी भाजपा नेता ने किया है. हालांकि भाजपा ने इस ऑडियो टेप को फ़र्ज़ी करार दिया था. साथ में यह भी कहा था कि वह जेडीएस-कांग्रेस की सरकार गिराने की कोई कोशिश नहीं कर रही है. सरकार अपने ही अंतरविरोध से परेशानी में है.