पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग के मुद्दे पर गुर्जर आंदोलनकारियों की सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और इनका आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा. गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला अपने समाज को आरक्षण देने की मांग को लेकर समर्थकों के साथ शुक्रवार से सवाईमाधोपुर में रेल पटरियों पर बैठे हैं. इस मसले पर बातचीत के लिए राजस्थान की सरकार ने तीन सदस्यों की समिति बनाई थी. पीटीआई के मुताबिक इस समिति में शामिल पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी नीरज के पवन आज गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे थे. लेकिन इन लोगों से मुलाकात के बाद भी बैंसला ने रेल पटरियों से हटने के मना कर दिया.

गुर्जर आरक्षण समिति के संयोजक किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा है, ‘हम यहां से नहीं हटेंगें, धरना जारी रखेंगे, सरकार से कोई समझौता नहीं हुआ है. हम पांच प्रतिशत आरक्षण का आदेश चाहते है.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि गुर्जर समुदाय को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है इसलिये सरकार का दायित्व बनता है कि वह उनके समाज को आरक्षण दे.

वहीं शनिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर आंदोलनकारियों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है. इसके साथ ही गहलोत ने कहा है कि पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जर समाज के नेताओं को अपनी मांग से जुड़ा ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना चाहिए क्योंकि यह संविधान संशोधन के बिना संभव नहीं है.

इधर दूसरे दिन जारी रहे गुर्जर आरक्षण आंदोलन के चलते उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन ने शनिवार को तीन सवारी गाड़ियों को रद्द कर दिया और एक सवारी गाड़ी के मार्ग में परिवर्तन किया है. वहीं पश्चिम मध्य रेलवे ने पिछले दो दिनों में करीब 200 सवारी और एक्सप्रेस रेल गाडियों को रद्द किया है या इनका मार्ग बदला है.