चुनाव आयोग ने रविवार को दिल्ली पुलिस से शहर की जनता को निर्वाचन सूची के बारे में ‘भ्रामक’ कॉल करने वालों के खिलाफ ‘जरूरी कार्रवाई’ करने को कहा. पीटीआई के मुताबिक पुलिस को की गई शिकायत में कहा गया है, ‘इस संबंध में प्राप्त हुई विभिन्न लिखित शिकायतें इसके साथ संलग्न हैं. पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि उपरोक्त शिकायतों में दिए गए कथन की असलियत का पता लगाने के लिए मामले की अच्छी तरह से जांच करने की जरूरत है और कानून के तहत जरूरी कार्रवाई की जाए.’ इस पर दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता मधुर वर्मा ने कहा, ‘हम मामले की जांच कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे.’

चुनाव आयोग का यह कदम भाजपा की उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें उसने दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर आरोप लगाया था कि वह निर्वाचन सूची को लेकर लोगों को ‘भ्रामक’ कॉल कर रही है. भाजपा की शिकायत के बाद दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने शनिवार को ऐसी फोन कॉल के प्रति लोगों को आगह किया था जिनमें निर्वाचन सूची से लोगों का नाम हटाने का दावा किया गया है.

पीटीआई के मुताबिक सीईओ ने स्पष्ट किया था कि निर्वाचन पंजीयन अधिकारी के सिवा कोई भी उनका नाम निर्वाचन सूची में न शामिल कर सकता है और न हटा सकता है. अब सीईओ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से मामले की जांच करके असल स्थिति का पता लगाने को कहा है. उधर, सीईओ के शनिवार के बयान के बाद ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि निर्वाचन आयोग को किसी राजनीतिक पार्टी का ‘एजेंट नहीं बनना चाहिए’.