भारतीय जनता पार्टी के नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा ने मान लिया है कि विधायकाें की ख़रीद-फ़रोख़्त वाला जो ऑडियो टेप सामने आया है, उसमें उन्हीं की आवाज़ है. यह ऑडियो टेप राज्य के मौज़ूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसी सात फरवरी को जारी किया था. इसमें बीएस येद्दियुरप्पा जेडीएस (जनता दल-सेकुलर) विधायक नगनगौड़ा के बेटे शरनगौड़ा से बातचीत कर रहे हैं. इसमें एक अन्य आवाज़ हासन से भाजपा विधायक प्रीतम गौड़ा की भी है. येद्दियुरप्पा और प्रीतम बातचीत के दौरान शरनगौड़ा से कह रहे हैं कि वे अपने पिता को भाजपा का समर्थन करने के लिए मनाएं. इसके एवज़ में भाजपा उन्हें (नगनगौड़ा को) 25 करोड़ रुपए और मंत्री पद देगी.

इस टेप को बीएस येद्दियुरप्पा ने पहले ‘फ़र्ज़ी’ बताया था. लेकिन अब उन्होंने माना है कि वे देवदुर्ग के सरकारी बंगले में शरनगौड़ा से मिले थे. हालांकि उन्हाेंने यह भी जोड़ा, ‘शरनगौड़ा को साज़िश के तहत मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने मेरे पास भेजा था. उसी के हिसाब से उसने (शरन ने) बातचीत की रिकॉर्डिंग की. फिर ऑडियो टेप में मनमुताबिक छेड़छाड़ कर उसे सार्वजनिक किया गया. इस तरह कुमारस्वामी राजनीति के निचले स्तर तक गिर चुके हैं. उन्होंने चुने जनप्रतिनिधियाें को फंसाने की राजनीति शुरू कर दी है. इसीलिए कुमारस्वामी ने ऑडियो टेप में दर्ज़ पूरी बातचीत भी सार्वजनिक नहीं की. उन्होंने मीडिया के सामने आधा झूठ बोला.’

येद्दियुरप्पा के मुताबिक, ‘विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार एक ईमानदार व्यक्ति हैं. मैंने उन्हें किसी तरह की पेशकश नहीं की, जैसा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी दावा कर रहे हैं.’ ग़ौरतलब है कि कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि येद्दियुरप्पा ने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार को पाला बदलने के एवज़ में 50 करोड़ रुपए देने की पेशकश की है. इसी तरह के आरोप कांग्रेस ने भी लगाए थे. उसके नेताओं ने कहा था कि येद्दियुरप्पा और भाजपा के अन्य नेता राज्य की जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए कांग्रेस के 18 विधायकों को 10-10 करोड़ रुपए देने की पेशकश की जा रही है.