चुनावों के दौरान सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बहस के बीच एक संसदीय समिति ने ट्विटर के सीईओ को पेश होने के लिए कहा है. सोमवार को भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली इस समिति ने भारत में कंपनी का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया. उसने ट्विटर के सीईओ जैक डॉर्सी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को 25 फरवरी तक पेश होने को कहा है. समिति की बैठक पहले सात फरवरी को होने वाली थी लेकिन ट्विटर सीईओ और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए इसे टालकर 11 फरवरी तक बढ़ा दिया गया था. हालांकि जैक डॉर्सी ने व्यस्तता का हवाला देकर समिति के सामने पेश होने में असमर्थता जताई.

ट्विटर पर आरोप है कि वह सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार से सहानुभूति रखने वाले हैंडल्स को ब्लॉक कर रहा है. एक दक्षिणपंथी संगठन ने इसकी शिकायत की थी. हालांकि कंपनी एक बयान जारी कर इसे खारिज कर चुकी है. उसका कहना है कि वह इस तरह का कोई भेदभाव नहीं करती.