रफाल सौदे पर इंडियन एक्सप्रेस अखबार की ताजा रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्हें मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि इस सौदे में उसने तीन मोर्चों पर अनियमितताएं बरती हैं. कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक इस समझौते के जरिए मोदी सरकार ने ‘देश की सुरक्षा से समझौता किया, सौदे की प्रक्रिया में चूक की और भ्रष्टाचार किया’. इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ गलत नहीं किया है तो वे इस समझौते की जांच कराएं.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनिल अंबानी का मध्यस्थ बताया. उन्होंने यह आरोप एक अखबार की उस रिपोर्ट के बाद लगाया जिसमें कहा गया था कि रफाल सौदे पर हस्ताक्षर होने से दो हफ्ते पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री के कार्यालय पहुंचे थे. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब यह साफ हो चुका है कि प्रधानमंत्री ने एक ‘निजी व्यक्ति’ को लाभ पहुंचाने के लिए रक्षा क्षेत्र की गोपनीय बातें उससे साझा कीं. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है. उन्होंने रक्षा क्षेत्र के राज एक निजी व्यक्ति से साझा किए. दूसरी अनियमितता (सौदे की) प्रक्रिया से जुड़ी है. और तीसरा मुद्दा भ्रष्टाचार का है.’

राहुल ने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए कि अनिल अंबानी को रफाल सौदे के बारे में दस दिन पहले कैसे पता चल गया. रक्षा मंत्री, एचएएल, विदेश सचिव को नहीं पता था, लेकिन अनिल अंबानी को इसका पता था. अगर यह सच है तो प्रधानमंत्री ने ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (शासकीय गुप्त बात अधिनियम) का उल्लंघन किया है. इस आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए.’