भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत बिस्वास की हत्या के मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है. एएनआई के मुताबिक सोमवार को इस हत्याकांड में तीन लोगों के साथ उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था.

बीते शनिवार को पश्चिम बंगाल की कृष्णागंज सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक सत्यजीत बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले का मुख्य आरोपित अभिजीत पुंडारी फरार चल रहा है. इसके अलावा पुलिस ने जिन दो अन्य आरोपितों – कार्तिक मंडल और सुजीत मंडल को गिरफ्तार किया है, उनके भाजपा से संबंध बताए जाते हैं.

माना जा रहा है कि मुकुल रॉय की याचिका पर इस हफ्ते के अंत तक सुनवाई होगी. एएनआई से बात करते हुए मुकुल रॉय ने कहा है, ‘पूरे पश्चिम बंगाल में जब भी कोई बदमाश या तृणमूल कांग्रेस का सदस्य हत्या करता है, टीएमसी की सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं या नेताओं को फंसाने की कोशिश करती है. ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) हमसे डरी हुई हैं. उनके आदेश से ही इस हत्या का आरोप भाजपा पर लगाया गया है.’

सत्यजीत बिस्वास का विधानसभा क्षेत्र कृष्णागंज राज्य के नादिया जिले में आता है. बिस्वास की हत्या के तुरंत बाद यहां टीएमसी के जिलाध्यक्ष गौरीशंकर दत्ता ने इसके पीछे भाजपा का हाथ बताया था. वहीं बंगाल इकाई के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस आरोप को खारिज किया था. साथ ही उनका कहना था कि जब भी तृणमूल के लोग ऐसी घटनाओं में भाजपा को घसीटते हैं, बाद में पता चलता है कि वह उनके अंदरूनी झगड़े का नतीजा थी. घोष ने आगे यह भी कहा था कि उनकी पार्टी राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं करती इसलिए इस हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए.

वहीं मुकुल रॉय ने दस फरवरी को एक ट्वीट करके बिस्वास की हत्या पर संवेदना व्यक्त की थी और इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. इस ट्वीट में उनका यह भी कहना था कि यह हत्याकांड तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े का नतीजा है. तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे मुकुल रॉय 2017 में भाजपा में शामिल हो गए थे.