केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस साल होने वाली 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में छात्रों को बड़ी राहत देने वाला है. उसने इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आसान बनाने का फैसला किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार प्रश्नपत्रों में ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल ज्यादा रखे जाएंगे. फिलहाल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में दस प्रतिशत सवाल इस तरह के होते हैं. अखबार ने सीबीएसई के एक सूत्र के हवाले से बताया कि इस बार इन प्रश्नों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जा सकती है.

खबर के मुताबिक इसे लेकर सूत्र ने कहा, ‘इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद मिलेगी. अगर कोई छात्र किसी खास सवाल को लेकर आश्वस्त नहीं है तो उसके पास विकल्प में 33 प्रतिशत सवाल ज्यादा होंगे.’ इसके अलावा सीबीएसई प्रश्नपत्रों के फॉर्मेट में भी बदलाव कर सकता है. इसके तहत प्रश्नपत्र को अलग-अलग खंडों में वर्गीकृत किया जाएगा. उदाहरण के लिए, सभी ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों को एक ही खंड में रखा जाएगा. वहीं, ज्यादा अंकों वाले सवाल अलग खंड में रखे जाएंगे.

बोर्ड प्रश्नपत्रों को लीक होने से रोकने की तैयारी भी कर रहा है. इसके लिए उसने एक उपाय निकाला है जिसके जरिए उन परीक्षा केंद्र निरीक्षकों को जल्दी ट्रैक किया जाएगा जिन्हें ‘गोपनीय सामग्री’ (प्रश्नपत्र) इकट्ठा करने के लिए नियुक्त किया गया है. गौरतलब है कि पिछले साल 10वीं का गणित और 12वीं का अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र लीक हो गया था. इसके चलते बोर्ड को अर्थशास्त्र की परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ी थी. गणित का पेपर इसलिए दोबारा नहीं लिया गया, क्योंकि उसका प्रश्नपत्र ज्यादा लीक नहीं हुआ था.