गुजरात में 25 साल से भी ज्यादा समय के बाद किसी बाघ को देखा गया है. राज्य के वन विभाग ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की. खबर के मुताबिक गुजरात के एक वन अधिकारी आरएम परमार ने कहा कि महिसागर जिले के लुनवाड-संतराम जंगल में लगे कैमरे ने सोमवार को एक बाघ को घूमते रिकॉर्ड किया है. राज्य के वन मंत्री गणपत वसाना ने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि बाघ की उम्र सात-आठ साल है. उन्होंने कहा कि शायद वह राजस्थान, महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश से गुजरात पहुंचा है.

पिछले हफ्ते महेश महेरा नाम के एक अध्यापक ने बोरिया गांव के पास बाघ देखने का दावा किया था. इसके बाद आसपास के इलाके में अलग-अलग जगहों पर पांच कैमरे लगाए गए थे. वहीं, वन विभाग को भी पहले बाघ के पैरों के निशान और बाल मिले थे. वन अधिकारी आरएम परमार ने कहा कि अब बाघ को रिकॉर्ड कर लिया गया है, इसलिए उसकी उपस्थिति को लेकर कोई संदेह नहीं रह गया है.

वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक गुजरात के दंग जिले में बाघों को आखिरी बार 1989 में देखा गया था. उस समय यहां बाघों की कुल संख्या मात्र 13 थी. वहीं, 1992 में बाघों की जनगणना की रिपोर्ट में बताया गया कि गुजरात में बाघ खत्म हो चुके हैं. अब सालों बाद बाघ दिखने के बाद कहा जा रहा है कि गुजरात सरकार टाइगर सफारी शुरू कर सकती है. खबर के मुताबिक केंद्र ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.