मेघालय सरकार ने स्कूली छात्रों को बड़ी राहत देते हुए कक्षाओं के अनुसार स्कूली बस्तों का वजन तय किया है. इसके साथ ही पहली और दूसरी कक्षा के लिए गृह कार्य पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. राज्य शिक्षा विभाग के मुताबिक केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत स्कूल अधिकारियों को आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं. इस फैसले के बारे में शिक्षा प्रमुख सचिव डीपी वहलांग ने पीटीआई से बात करते हुए कहा है, ‘हमने स्कूल बैगों की वजन संबंधी सीमा तय करने के लिए अधिसूचना के जरिए निर्देश जारी किए हैं. यह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है.’

शिक्षा विभाग ने संस्थान प्रमुखों से ऐसा टाइम-टेबल बनाने को भी कहा है जिससे छात्रों को ज्यादा किताबें और कॉपी स्कूल न लानी पड़ें. इस अधिसूचना के अनुसार, ‘पहली और दूसरी कक्षा के बस्ते का वजन 1.5 किलोग्राम, तीसरी से पांचवीं तक की कक्षाओं के छात्रों के बैग तीन किलोग्राम से अधिक भारी नहीं होने चाहिए.’ इसके अलावा छठवीं और सातवीं कक्षा के लिए छात्रों के बैग अधिकतम चार किलोग्राम तक भारी हो सकते हैं. इसी तरह आठवीं और नौवीं के लिए 4.5 किलोग्राम और दसवीं के लिए पांच किलोग्राम की सीमा तय की गई है.