बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच संसद भवन के सेंट्रल हॉल में हुई मुलाकात इस समय सुर्खियों में है. बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने लोकसभा में कांग्रेस के रवैए को लेकर सोनिया गांधी के प्रति नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने सोनिया गांधी से कहा है, ‘हम यह बात याद रखेंगे.’ हालांकि इस पर सोनिया गांधी ने दोस्ताना प्रतिक्रिया देते हुए जवाब में कहा, ‘हम भले ही एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन आपस में हम दोस्त हैं.’

एनडीटीवी के मुताबिक दोनों नेताओं की इस मुलाकात से कुछ देर पहले ही कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में शारदा चिटफंड मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधा था. साथ ही यह भी कहा था कि इस घोटाले की वजह से लाखों लोगों की मेहनत की कमाई डूब गई है. उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के चेहरों पर मुस्कुराहट छा गई थी. इसी वाकये पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री कांग्रेस से गुस्साई हुई थीं.

वैसे यह पहला मौका नहीं था जब शारदा चिटफंट मामले को लेकर कांग्रेस ने टीएमसी पर निशाना साधा हो. इससे पहले 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भ्रष्टाचार के इस मामले के तार ममता बनर्जी से जुड़े हुए बताए थे. हालांकि तब और अब की राजनीतिक के मौजूदा समीकरणों में व्यापक बदलाव आ चुका है. आगामी आम चुनाव के मद्देनजर भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल करने के लिए आज विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं.

इसी को लेकर बीते महीने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ममता बनर्जी ने एक रैली का आयोजन भी किया था. उस रैली में देशभर के विभिन्न क्षेत्रीय दलों के नेताओं सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुए थे. हालांकि अधीर रंजन चौधरी को उस रैली से संबंधित कोई संदेश नहीं भेजा गया. ऐसे में उन्होंने टीएमसी पर अपना हमलावर रुख जारी रखा है.

इसे देखते हुए ममता बनर्जी ने हाल में यह भी कहा था कि कांग्रेस के इस दोहरे रवैया की वह कोई ‘परवाह’ नहीं करतीं. साथ ही उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला भी बताया था.