भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को केंद्र की सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी दलों ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘तानाशाही हटाओ देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया. आम आदमी पार्टी की अगुवाई में आयोजित इस रैली में विपक्षी दलों के लगभग वे सभी नेता शामिल हुए जो करीब तीन हफ्ते पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयो​जित ​रैली में शामिल हुए थे. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस रैली के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी न्यौता दिया गया था. लेकिन वे वहां नहीं दिखे. दिलचस्प बात यह है कि बीते महीने की 19 तारीख को कोलकाता रैली में भी राहुल गांधी शामिल नहीं हुए थे. हालांकि वहां कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं, अभिषेक मनु सिंघवी और मल्लिकार्जुन खड़गे को अपने प्रतिनिधि के तौर पर वहां जरूर भेजा था.

इधर आज की रैली में लोकसभा के आगामी चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुखिया व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, ‘आगामी आम चुनाव में भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए वे राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और वाम दलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगी.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गब्बर सिंह’ बताते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘जैसे बच्चों को डराने के लिए एक समय गब्बर सिंह का नाम लिया जाता था, वैसे ही आज मोदी के नाम पर लोगों को डराया जा रहा है.’

ममता बनर्जी के मुताबिक आज देश की ‘डेमोक्रेसी’ ‘नमोक्रेसी’ में तब्दील हो गई है. आज के हालात आपातकाल से भी कहीं ज्यादा खतरनाक हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मोदी सिर्फ देश तोड़ना जानते हैं. ऐसे नेता को हटाए जाने की जरूरत है और इसके लिए सभी दलों को एक साथ आना होगा.’

वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा से देश और लोकतंत्र को ‘खतरा’ बताया. उन्होंने कहा देश को बचाने के लिए अगर अब भी विपक्षी दल नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी. उन्होंने आगे कहा, ‘हो सकता है कि आगामी आम चुनाव हम सभी के लिए अंतिम चुनाव हों क्योंकि भाजपा दोबारा सत्ता में लौटी तो फिर शायद देश में चुनाव ही न हों.’ वहीं मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि देश को बचाने के लिए ‘चौकीदार’ को हटाना होगा. इसके साथ ही भाजपा की तुलना ‘कौरव सेना’ से करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल ‘पांडव’ बनकर सत्ताधारी दल को परास्त करेंगे और देश को बचाएंगे.

इस मौके पर भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी राजा ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाली सरकार के कार्यकाल में संविधान का ‘मान घटा’ है. भाजपा का केंद्र में होने का मतलब संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा है. वहीं अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गेगांग अपांग ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मेादी सरकार देश की विविधताओं को नजरअंदाज करते हुए संकुचित विचारों को थोपने का काम कर रही है. इसके साथ ही उन्होंने सरकार पर पूर्वोत्तर में नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ हो जारी विरोध-प्रर्दशनों को नजरअंदाज करने के आरोप भी लगाए.

इस मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा. नरेंद्र मोदी को ‘तानाशाह’ बताते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है नरेंद्र मोदी भारत नहीं बल्कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं. इसीलिए वे (नरेंद्र मोदी) देश को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं.’ अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, ‘मैं देश की जनता से अपील करता हूं कि आगामी चुनाव में वह पढ़े-लिखे व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुने. जरूरी है कि लोग एक व्यक्ति के बारे में सोचने से पहले देश के बारे में सोचे.’