रफाल सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद मोदी सरकार और विपक्ष की तकरार आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. इस रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने यह सौदा पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की तुलना में 2.86 फीसदी कम कीमत पर किया है. सत्ता पक्ष ने इसे सच की जीत बताया है तो विपक्ष ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. इसके अलावा दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की अगुवाई में विपक्षी दलों की रैली को भी कई अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री संविधान को बर्बाद करने पर तुले हैं. बीते महीने कोलकाता में भी विपक्षी दलों की एक ऐसी ही रैली हुई थी.

आईएलएंडएफएस मामले के चलते लाखों लोगों के प्रोविडेंड फंड के पैसे पर जोखिम

मुश्किलों से जूझ रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी आईएलएंडएफस के चलते लाखों लोगों के प्रोविडेंट फंड और पेंशन के पैसे के डूबने का खतरा पैदा हो गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कई कंपनियों ने पीएफ और पेंशन फंड की हजारों करोड़ की रकम इस कंपनी में निवेश कर रखी है. यह रकम अनसिक्योर्ड बॉन्ड्स के रूप में आईएलएंडएफस में तब लगाई गई थी जब आईएलएंडएफएस की हालत काफी सही थी और इसको सुरक्षित निवेश के लिए ट्रिपल ए (एएए) की रेटिंग मिली हुई थी. लेकिन अब कंपनी दिवालिया होने के कगार पर है.

अनिल अंबानी से जुड़े आदेश में छेड़छाड़ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो कर्मचारियों को बर्खास्त किया

चर्चित कारोबारी अनिल अंबानी के खिलाफ अवमानना के एक मामले में अपने आदेश में छेड़छाड़ करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. द टेलीग्राफ के मुताबिक इस छेड़छाड़ से ऐसा संदेश गया था कि इस मामले में अनिल अंबानी को व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल गई है. ये दोनों कर्मचारी असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर थे. इन्हें बर्खास्त करने के लिए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत मिली असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल किया. आदेश में छेड़छाड़ का पता चलने के बाद इसे दोबारा अपलोड किया गया.

हरियाणा ने गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण को मंजूरी दी

हरियाणा ने आर्थिक आधार पर सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दे दी है. द ट्रिब्यून के मुताबिक बुधवार को राज्य कैबिनेट की एक बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई. द ट्रिब्यून के मुताबिक जाट समुदाय को भी तब तक इस आरक्षण का लाभ मिलेगा जब तक उसे अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने को लेकर चल रहे अदालती मामले पर फैसला नहीं आ जाता. हाल ही में केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान किया था. इसके बाद से कई राज्य भी इस राह पर चल पड़े हैं.

कर्नाटक में सरकार को राहत, कांग्रेस के बागी विधायक वापस लौटे

कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार को बड़ी राहत मिली है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक महीने से गायब कांग्रेस के चारों बागी विधायक बुधवार को लौट आए. ये सभी विधायक विधानसभा के बजट सत्र में शामिल हुए. इसके अलावा सरकार से समर्थन वापस लेने वाले एक निर्दलीय विधायक ने यह समर्थन फिर देने की बात कही है. कर्नाटक में यह संकट करीब एक महीने पहले तब शुरू हुआ जब सत्ता पक्ष और विपक्षी भाजपा, दोनों ने एक दूसरे पर अपने-अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश का आरोप लगाया. इसके बाद से ही कांग्रेस के ये चार विधायक लापता हो गए थे.

भीमा कोरेगांव हिंसा: सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट का वह फैसला निरस्त कर दिया है जिसमें उसने महाराष्ट्र पुलिस को भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोप-पत्र दायर करने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया था. द स्टेट्समैन के मुताबिक उसने यह भी कहा कि चूंकि पुलिस ने मामले में आरोप-पत्र दायर कर दिया है, इसलिए गिरफ्तार किए गए पांचों सामाजिक कार्यकर्ता अब नियमित जमानत की मांग कर सकते हैं. बीते जून में पुणे पुलिस ने अधिवक्ता सुरेंद्र गाडलिंग, नागपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर शोमा सेन, दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले, सामाजिक कार्यकर्ता महेश राउत और केरल के रोना विल्सन को गिरफ्तार किया था. इन्हें माओवादियों से संबंधों के आरोप में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था.