भगोड़े शराब व्यवसायी विजय माल्या ने ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में आवेदन कर ब्रिटेन सरकार के प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगी है. माल्या भारत में बैंकों का अनुमानित 9,000 करोड़ रुपये का ऋण जानबूझ कर नहीं चुकाने के आरोपी हैं.
ब्रिटेन में माल्या के खिलाफ प्रत्यर्पण वारंट जारी किया जा चुका है और वह फिलहाल जमानत पर हैं. उन्होंने गुरुवार को उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायालय विभाग में प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगी है. इस मामले में विशेष न्यायाधीश यदि माल्या का आवेदन स्वीकार कर लेते हैं तो फिर अगले कुछ महीनों में इस पर सुनवाई की जाएगी. यदि माल्या का आवेदन खारिज कर दिया जाता है तो उनके पास ‘नवीनीकृत फॉर्म’ दाखिल करने का विकल्प होगा.
नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान 30 मिनट की मौखिक सुनवाई होगी जिसमें माल्या के वकील और भारत सरकार की ओर से वाद लड़ रही क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) अपील के खिलाफ और पक्ष में अपने दावों को नए सिरे से रखेगी ताकि न्यायाधीश यह निर्णय ले सके कि इस मामले में पूर्ण सुनवाई की जा सकती है या नहीं. इस प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं क्योंकि मामले का अदालत की कार्रवाई के लिए सूचीबद्ध होना न्यायाधीशों की उपलब्धता एवं अन्य कारकों पर निर्भर करेगा.
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