केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुम्बई की एक अदालत से कहा है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा किए गए घोटाले में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को आरोपी न बनाया जाए. जांच एजेंसी का कहना है कि पीएनबी आरोपी नहीं, बल्कि पीड़ित है. सीबीआई ने यह बात चोकसी के गीतांजलि समूह के पूर्व सहायक वित्तीय प्रबंधक नितिन शाही की ओर से दायर एक याचिका के जवाब में कही है. शाही भी इस मामले में आरोपित हैं.
पीटीआई के मुताबिक जमानत पर बाहर आए नितिन शाही ने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में पीएनबी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए. शाही का आरोप है कि बैंक ने इस कथित धोखाधड़ी के लेनदेन में कमीशन खाया है, इसलिए अब वह अपने आप को पीड़ित के रूप में पेश नहीं कर सकता और अज्ञानता का बहाना नहीं बना सकता है.
अपनी याचिका में नितिन शाही का यह भी कहना है कि गीतांजलि समूह के शीर्ष अधिकारी सहित पीएनबी के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन बैंक को नहीं बनाया गया जोकि बेहद ‘अजीब और भेदभावपूर्ण’ है.
उधर, सीबीआई ने नितिन शाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैंक को सिर्फ गीतांजलि समूह से जुड़े हस्तांतरण में 7,080 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ. सीबीआई के मुताबिक लेनदेन में गीतांजलि समूह को फायदा और पीएनबी को केवल घाटा हुआ, इसलिए बैंक को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है.
पीटीआई के मुताबिक अदालत शाही की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई कर सकती है.
बीते साल सामने आए पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी हैं, यह घोटाला करीब 13,000 करोड़ रुपये का है. ये दोनों देश से फरार हैं.
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