देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी सबकॉम्पैक एसयूवी ‘एक्सयूवी 300’ लॉन्च कर दी है. बाज़ार में पिछले साल से ही इस कार का इंतजार किया जा रहा था. हालांकि कुछ आलोचकों के मुताबिक महिंद्रा इस कार को थोड़ी देर से लाई है. दरअसल, पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारतीय ग्राहकों के बीच सबकॉम्पैक एसयूवी की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. मारुति-सुज़ुकी ब्रेज़ा, टाटा नेक्सन, फोर्ड इकोस्पोर्ट, होंडा डब्ल्यूआरवी और रेनो डस्टर जैसी गाड़ियां अपने-अपने सेगमेंट मेें शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. लेकिन महिंद्रा यहां नदारद नज़र आती है. हालांकि कुछ लोग इस बात की काट में केयूवी-100 और टीयूवी—300 का उदहारण दे सकते हैं. लेकिन अधिकतर ग्राहकों को ये दोनों ही गाड़ियां इस सेगमेंट की होते हुए भी कई कारणों के चलते इस सेगमेंट नहीं लगती.

महिंद्रा एंड महिंद्रा की एक्सयूवी-300 उसकी सहयोगी और दक्षिण कोरियाई कंपनी ‘सैंगयोंग’ की एसयूवी ‘टिवोली’ पर आधारित है. कंपनी ने अपनी इस नई कॉम्पैक एक्सयूवी को ब्लू, रेड, ऑरेंज, ब्लैक, व्हाइट और सिल्वर कलर ऑप्शन के साथ लॉन्च किया है. कंपनी का दावा है कि इस कार के साथ ऐसे कई फीचर्स दिए गए हैं जो सेगमेंट में पहली बार दिखते हैं. एक्सयूवी-300 के टॉप एंड वेरिएंट के साथ फ्रंट पार्किंग सेंसर, डुअल ज़ोन ऑटोमेटिक क्लाइमेट कंट्रोल, 7.0 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, फैक्ट्री फिटेड इलेक्ट्रिक सनरूफ और सात एयरबैग्स जैसे फीचर्स आते हैं.

एक्सयूवी-300 के टॉप एंड वेरिएंट को माइक्रो हाइब्रिड टेक्नोलॉजी, इनबिल्ट नेविगेशन, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी (एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो), हीटेड ओआरवीएम और कंफर्ट, नॉर्मल व स्पोर्ट मोड्स के साथ स्मार्ट स्टीअरिंग जैसी खूबियों से लैस किया गया है. महिंद्रा एक्सयूवी-300 के अलग-अलग वेरिएंट लुक्स के मामले में एक दूसरे से कुछ अंतर रखते हैं. यदि इस कार के बेस डब्ल्यू-4 मॉडल की बात करें तो उसके साथ एलईडी टेल लैंप्स देखने को मिलेंगे. लेकिन इसके 16 इंच के व्हील्स से कवर और ग्रिल पर क्रोम फिनिश नदारद रहने वाली है.

वहीं, इससे ठीक ऊपर वाले मॉडल डब्ल्यू-6 में उपरोक्त खूबियों के साथ ब्लैक रूफ रेल्स भी मिलते हैं. इसके टॉप स्पेक मॉडल के साथ प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स, 17 इंच के डायमंड कट अलॉय व्हील और विंग मिरर इंटीग्रेटेड एलईडी टर्न इंडीकेटर्स दिए जाएंगे. इस कार में डुअल एयरबैग्स, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) और इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी) के साथ चार डिस्क ब्रेक्स स्टैंडर्ड तौर पर आते हैं.

इसके टॉप एंड वेरिएंट डब्ल्यू-8 के साथ हिल होल्ड असिस्ट, इलैक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी), फ्रंट व रियर फाग लैंप्स और आएसओ फिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स मिलते हैं. इस वेरिएंट में मल्टीपल कलर इल्युमिनेशन विकल्प के साथ इंस्ट्रुमेंट कॉन्सोल, लेदर सीट्स, हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और पुश बटन स्टार्ट जैसी सुविधाएं भी हैं. क्रूज़ कंट्रोल, हाइट एडजस्टेबल फ्रंट सीट बेल्ट्स, टायर पॉजिशन डिस्प्ले, रिवर्स कैमरा, ऑटो डिमिंग आईआरवीएम, ऑटोमेटिक हैडलैंप्स व वाइपर्स, इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल व फोल्डेबल ओआरवीएम और रियर सीट आर्मरेस्ट जैसे फीचर्स भी इसमें मिलते हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में इस कार के साथ कंपनी का नया 1.2 लीटर क्षमता वाला टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है जो 200 एनएम का अधिकतम टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. इस कार के डीज़ल वेरिएंट में 1.5 लीटर क्षमता का वही इंजन लगाया गया है जो कुछ महीने पहले लॉन्च हुई कंपनी की ही एमपीवी मराज़ो में देखने को मिलता है. यह इंजन 123 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 300 एनएम का टॉर्क पैदा कर सकता है.

कंपनी ने एक्सयूवी-300 के लिए दिल्ली में शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 7.90 लाख रुपए तय की है जो कार के टॉप वेरिएंट के लिए 11.99 लाख रुपए तक जाती है. बाज़ार में यह कार जिन कारों का टक्कर देगी उनका ज़िक्र ऊपर किया जा चुका है, लेकिन हां; टाटा नेक्सन उनमें प्रमुख रह सकती है.

-वाहनों पर निर्भर होने की दिशा में अहम निर्देश

बिजली से चलने वाले वाहनों का चलन शुरू करने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम निर्देश जारी किए हैं. इनमें आवासीय क्षेत्र में ई-वाहनों के लिए हर 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने की बात प्रमुखता से कही गई है. वहीं लंबी यात्राएं करने में सक्षम या भारी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राजमार्गों के दोनों तरफ प्रत्येक 100 किलोमीटर पर ऐसे चार्जिंग स्टेशन लगाने के भी निर्देश हैं.

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने एक बयान जारी कर उम्मीद जताई कि 2030 तक सड़क पर चलने वाले कुल वाहनों में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी ई-वाहनों की होगी. इसलिए देशभर में ई-वाहनों की चार्जिंग के लिए बुनियादी ढांचा खड़े किए जाने की जरूरत है. सरकार ने इन चार्ज़िंग स्टेशनों को स्थापित करने के लिए आदर्श इमारत उपनियम-2016 और शहरी क्षेत्र विकास योजना रूपरेखा और अनुपालन दिशा-निर्देश-2014 में भी संशोधन कर नए प्रावधान तैयार किए हैं.

होंडा ब्रिओ का उत्पादन बंद

जापानी कार निर्माता कंपनी होंडा की भारतीय इकाई ने हैचबैक ब्रिओ का उत्पादन बंद करने का फैसला लिया है. ब्रिओ, होंडा की एंट्रीलेवल कार है. होंडा ने ब्रिओ को सितंबर-2011 में लॉन्च किया गया था. उसके बाद से इस कार की सिर्फ 97,000 यूनिट ही बेची जा सकी थीं जो कि इस सेगमेंट की कार के लिए निराशाजनक कहा जा सकता है. कंपनी ने 2016 में इस कार का फेसलिफ्ट वर्ज़न पेश किया था. लेकिन इससे कार के प्रदर्शन पर कुछ खास असर नहीं दिखा.

होंडा ने बयान जारी कर इस बात की पुष्टि कर दी है. इस मौके पर कंपनी ने यह जानकारी भी दी कि हाल-फिलहाल ब्रिओ का कोई नया अवतार लाने का उसका कोई मन नहीं है और छोटी कार की कमी को पूरा करने के लिए बाज़ार में उसकी हैचबैक ‘जैज़’ उपलब्ध है. मीडिया को दिए एक बयान में कंपनी ने यह भी कहा है कि अब से भारत में उसकी एंट्री कार अमेज़ हुआ करेगी.

कंपनी का यह बयान, भारतीय बाज़ार में सबकॉम्पैक एसयूवी और सबमकॉम्पैक सेडान की बढ़ती मांग के मद्देनज़र दिया गया है. कंपनी बीते साल मई में अमेज़ का फेसलिफ्ट वर्ज़न लॉन्च किया था जिसे ग्राहकों की तरफ से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है. लॉन्च होने के एक साल पूरा होने से पहले ही इस कार 63,000 यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है.