कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है, ‘पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पूर्व में दिए अपने बयान पर मैं अब भी कायम हूं.’ एनडीटीवी के मुताबिक उनका यह भी कहना है, ‘आतंकवादियों को किसी सूरत बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. आतंक फैलाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. ऐसी सजा जिसे आने वाली कई पीढ़ियां याद रखें.’ इसके साथ ही 1999 के ‘कंधार विमान अपहरण’ का जिक्र करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व शिरोमणी अकाली दल (एसएडी) पर निशाना भी साधा.

सवालिया लहजे में उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि 1999 के कंधार कांड के वक्त आखिर किसने तीन आतंकवादियों को रिहा किया. उनकी रिहाई के पीछे भला कौन जिम्मेदार था.’ गौरतलब है कि विमान अपहरण की उस घटना के यात्रियों को छुड़ाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने तीन आतंकी रिहा किए थे. उन आतंकवादियों में मसूद अजहर भी एक था. मसूद अजहर पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का संस्थापक और कर्ताधर्ता है.

इससे पहले बीते हफ्ते पुलवामा हमले पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा था, ‘आतंकवादियों की कायराना हरकत के लिए किसी देश को कसूरवार नहीं ठहराया जाना चाहिए. व्यक्ति विशेष पर इसका दोषारोपण नहीं करना चाहिए.’ सिद्धू की उस टिप्पणी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ उनकी दोस्ती से जोड़कर देखा गया था.

इस बीच भाजपा और एसएडी ने सिद्धू के उस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस से उनके निष्कासन की मांग भी की है. इस मुद्दे पर आज पंजाब विधानसभा में दोनों दलों के विधायकों ने सिद्धू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इसके अलावा सिद्धू के उसी बयान की वजह से बीते शनिवार उन्हें सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले ‘द कपिल शर्मा’ शो कार्यक्रम से भी बाहर कर दिया गया ​था.