पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से कहा था कि यह समय देश के लिए भावनात्मक है, इसलिए राजनीतिक लाभ लेने से सबको दूर रहना चाहिए. हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ख़ुद प्रधानमंत्री की गतिविधियां देख कर एक बड़े तबक़े को नहीं लगता कि सत्तारूढ़ दल इस हमले को लेकर राजनीति नहीं कर रहा. बीते शनिवार को भाजपा सांसद साक्षी महाराज का एक वीडियो व तस्वीर इसके ‘सबूत’ के तौर पर सामने आया.
पुलवामा हमले में उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले अजीत कुमार आज़ाद भी शहीद हुए. साक्षी महाराज उन्नाव से ही भाजपा के सांसद हैं. शनिवार को उनके इस संसदीय क्षेत्र से शहीद जवान की अंतिम यात्रा निकाली गई थी. जिस गाड़ी पर उनका शव रखा गया था, उसमें पुलिस और अन्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ साक्षी महाराज भी शामिल थे. पीछे भारी संख्या में लोग अजीत कुमार के नाम के नारे लगा रहे थे और वाहन पर फूल बरसा रहे थे.
इसी दौरान साक्षी महाराज हाथ जोड़ते दिखे. सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि साक्षी महाराज हाथ जोड़ कर इन फूलों का स्वागत यूं कर रहे थे मानो लोग शहीद जवान के लिए नहीं, बल्कि उन्हीं के लिए पुष्प वर्षा कर रहे थे. वहीं, कुछ यूज़र्स का कहना था कि भाजपा सांसद ने शहीद जवान के प्रति लोगों की भावना का सम्मान करते हुए हाथ जोड़े थे. उनका इरादा किसी तरह का राजनीतिक लाभ लेना नहीं था. आरोप-प्रत्यारोप चल ही रहे थे कि फिर एक तस्वीर सामने आई जिसमें साक्षी महाराज शव यात्रा के दौरान साफ़ हंसते हुए दिख रहे थे.
Here’s a photo of BJP MP Sakshi Maharaj aboard the vehicle carrying the mortal remains of Ajit Kumar Azad, who lost his life in the #Pulwama attack.
— Sachin Tandon (@cugwmui) February 16, 2019
Absolutely disgusting to see him treat this as a political procession. pic.twitter.com/7kcn3kaXy8
एनडी तिवारी के शव के नज़दीक हंसी-ठिठोली
साक्षी महाराज और भाजपा समर्थक उनकी इस तस्वीर को लेकर भी कोई न कोई तर्क ले आएंगे. लेकिन पिछले एक साल के दौरान हुई कुछ घटनाओं पर ग़ौर करें तो लगता है कि भाजपा के नेता किसी की मृत्यु के अवसर पर भी हास्य रस का आनंद लेने में गुरेज़ नहीं करते. हो सकता है भाजपा समर्थक साक्षी महाराज की तस्वीर के लिए कोई अच्छा बहाना ढूंढ लें, लेकिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एनडी तिवारी के निधन के समय उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके सहयोगी मंत्रियों की हंसी-ठिठोली के वीडियो पर वे क्या कहेंगे!
पिछले साल 18 अक्टूबर को एनडी तिवारी का निधन हो गया था. दो दिन बाद उनका शव उत्तर प्रदेश विधानसभा में लाया गया था ताकि सभी नेता उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें. जिस समय पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी जा रही थी, ठीक उसी समय योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्री उस समय के माहौल की पूरी तरह अनदेखी करते हुए जाने किस बात पर हंसे जा रहे थे. इसमें बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन (जो भाजपा नेता भी हैं) भी उनका साथ दे रहे थे. यह सब शव के बिलकुल पास हो रहा था. वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह काफ़ी गंभीर मुद्रा में बैठे हुए थे जैसा कि किसी भी संवेदनशील नेता से अपेक्षित है.
अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश कार्यक्रम में भी हंसी मज़ाक़
योगी और उनके मंत्रियों का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा को एक बार फिर ख़ासी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. पार्टी के लिए यह इसलिए भी शर्मनाक रहा कि एनडी तिवारी के निधन से क़रीब दो महीने पहले भाजपा नेता एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के निधन से जुड़े कार्यक्रम में ठहाके मारते दिखे थे. यह व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के सबसे बड़े नेता, पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी थे. उनके अंतिम संस्कार के बाद भाजपा ने उनकी अस्थियों को देश की अलग-अलग नदियों या सरोवरों में विसर्जित करने का फ़ैसला किया. इसके लिए पार्टी ने बक़ायदा देशव्यापी अभियान चलाया. इसके तहत जिस राज्य में भी पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थि-अवशेष ले जाए जाते, वहां उन्हें विसर्जित किए जाने से पहले कार्यक्रम किए जाते.
ऐसा ही एक कार्यक्रम मध्य प्रदेश स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित किया गया था. उस समय जब राज्य के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राकेश सिंह जब भाजपा नेताओं को अस्थि कलश सौंप रहे थे, उसी दौरान प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय अपने सहयोगी नेताओं के साथ हंसते हुए कैमरे में क़ैद हो गए. बाद में यह ‘हास्य यात्रा’ छत्तीसगढ़ पहुंची. वहां अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश कार्यक्रम में राज्य के तत्कालीन मंत्री अजय चंद्राकर और ब्रिज मोहन हंसी-ठिठोली करते दिखाई दिए.
चंदन गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा में भी नहीं रुकी हंसी
ये सभी वाक़ये बड़ी घटनाओं व बड़े व्यक्तियों से जुड़े हुए है. थोड़ा और खोजें तो पता चलता है कि कासगंज हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा में भी भाजपा नेताओं की हंसी नहीं रुकी थी. हैरान करने वाली बात यह है कि उस श्रद्धांजलि सभा का आयोजन ख़ुद भाजपा नेताओं ने ही कराया था. जनवरी 2017 में हुई इस घटना की पहली बरसी पर मेरठ के भाजपा नेताओं ने चंदन की याद में दीप जलाने और मौन रखने के लिए लोगों को बुलाया था. लेकिन जब दीप जलाने की बारी आई तो ऐसा करते हुए वे हंस रहे थे. हिंदी अख़बार दैनिक जागरण ने भाजपा नेताओं की तस्वीर प्रकाशित की थी, और हेडिंग दी थी : बेशर्मी की हद है... श्रद्धांजलि सभा में भी हंसते रहे भाजपाई.

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