भाजपा और शिवसेना के बीच टकराव खत्म होने और लोकसभा-विधानसभा चुनाव साथ लड़ने की खबर आज के अधिकतर अखबारों के पहले पन्ने पर है. दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी सहमति बन गई है. इसके तहत लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की कुल 48 संसदीय सीटों में से भाजपा 25 और शिवसेना 23 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारेगी. वहीं, विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर अन्य सहयोगी दलों से सलाह करने के बाद कोई फैसला किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश : चोरी की प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर सपा विधायक सदन में रो पड़े

बीते दो महीने से 10 लाख रुपये चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज न किए जाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक कल्पनाथ पासवान उत्तर प्रदेश विधानसभा में फूट-फूटकर रो पड़े. अमर उजाला की खबर के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘पैसे नहीं मिले तो मैं मर जाऊंगा. आत्महत्या कर लूंगा. आज मैं रो रहा हूं. कल पूरा सदन मेरे लिए रोएगा.’ इसके बाद आजमगढ़ में इससे संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई. वहीं, कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी ने भी लखनऊ में कार का शीशा तोड़ चोरी होने के मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यमंत्री को अवगत कराने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. दूसरी ओर, बसपा विधायक दल के नेता लालजी वर्मा ने एफआईआर दर्ज न करने के लिए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

मीडिया में दलित शब्द के इस्तेमाल पर रोक से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल देने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए दलित शब्द के इस्तेमाल पर रोक के खिलाफ सरकारी आदेश में दखल देने से फिलहाल इनकार कर दिया है. द एशियन एज की खबर की मानें तो केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इस आदेश को एक याचिका के जरिए चुनौती दी गई थी. सोमवार को शीर्ष अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित मंत्रालय के पास अपील करने के लिए कहा है. साथ ही, यदि याचिकाकर्ता मंत्रालय की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट होता है तो उसे फिर शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने का मौका दिया गया है.

पश्चिम बंगाल : शीर्ष अधिकारियों ने अवमानना नोटिस के जवाब में सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

शारदा चिटफंड मामले में पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. इनमें मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त शामिल हैं. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले शीर्ष अदालत ने इन्हें सीबीआई की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा था. बताया जाता है कि इन तीनों अधिकारियों ने अपने-अपने हलफनामे में सीबीआई के आरोपों का खंडन किया है. साथ ही, उन्होंने इस मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के आरोपों से भी साफ इनकार किया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन पर शारदा मामले में सीबीआई अधिकारियों को जांच से रोकने का आरोप लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 20 फरवरी तय की है.

पीसीबी ने भारत में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की तस्वीरें ढके जाने पर आपत्ति जाहिर की

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत में कई जगहों से पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें हटाए जाने की रिपोर्टें आई हैं, जिसे लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आपत्ति जाहिर की है. जनसत्ता में छपी खबर के मुताबिक पीसीबी ने इसे 28 फरवरी को होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बैठक में उठाने की बात की है. हालांकि, इस मुद्दे को बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है और इस वजह से इसे अलग से उठाए जाने की संभावना है. रविवार को जारी बयान में बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने कहा है कि खेल ने दोनों देशों के राजनीतिक तनाव को कम करने में अहम भूमिका निभाई है. साथ ही, उनका कहना है कि खेल और राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए. इससे पहले मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया ने पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर को ढक दिया था. वहीं, पंजाब क्रिकेट संघ ने भी मोहाली स्टेडियम के भीतर अलग-अलग स्थानों पर लगी पाकिस्तानी क्रिकेटरों की तस्वीरों को हटा दिया था.

उत्तराखंड : जहरीली शराब बेचने के दोषी को 10 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माना

जहरीली शराब से करीब 40 लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड की भाजपा सरकार इसके खिलाफ सख्त होती हुई दिख रही है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक सरकार ने जहरीली शराब बेचने के दोषी के लिए 10 साल की सजा का प्रावधान किया है. साथ ही, इसके लिए जुर्माने की रकम भी 10 लाख रुपये तय की गई है. कैबिनेट ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यह फैसला लिया. इसके लिए सरकार ने आबकारी कानून की धारा-60 में संशोधन किया है.