पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा आतंकी हमले में अपने देश की कोई भूमिका होने से इनकार किया है. उनके इस बयान को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. साथ ही, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत बिना किसी सबूत के इस हमले के लिए उनके देश को जिम्मेदार ठहरा रहा है. हालांकि, इमरान खान ने आगे कहा, ‘अगर भारत इस हमले में पाकिस्तान के शामिल होने संबंधी सबूत देता है तो मैं इस पर जरूर कार्रवाई करूंगा.’ वहीं, उनका यह भी कहना था, ‘अगर भारत सोचता है कि वह पाकिस्तान पर हमला करेगा तो हम भी उसका जवाब देंगे.’

बीते 16 वर्षों में सेंसर बोर्ड ने करीब 800 फिल्मों को मंजूरी नहीं दी

बीते 16 वर्षों में सेंसर बोर्ड 793 फिल्मों को प्रमाणपत्र देने से इनकार कर चुका है. यानी इनके प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई. द हिन्दू में प्रकाशित खबर के मुताबिक यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के जरिए हासिल की गई है. इस आवेदन के जवाब में बताया गया कि साल 2015-16 में सबसे अधिक 153 फिल्मों को सेंसर बोर्ड ने मंजूरी नहीं दी. 2014-15 में यह आंकड़ा 152 रहा. वहीं, साल 2010 में केवल नौ फिल्मों को प्रदर्शन के लिए मंजूरी नहीं दी गई थी. अगर भाषा के लिहाज से बात करें तो 793 में 231 हिंदी, 96 तमिल और 53 तेलुगु फिल्में शामिल थीं. दूसरी ओर, इस सूची में 207 विदेशी फिल्में भी रही हैं. हालांकि, अधिकांश फिल्में जिन पर रोक लगाई गई, उनके नाम इस कुछ इस तरह थे- आदमखोर हसीना, कातिल शिकारी, प्यासी चांदनी और खूनी रात.

सेना में 111 पदों की भर्ती प्रक्रिया में 2,500 कश्मीरी युवक शामिल

करीब 2,500 कश्मीरी युवक भारतीय सेना के 111 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में मंगलवार को शामिल हुए. यह कश्मीर के बारामुला में आयोजित की गई थी. द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक इनमें शामिल एक युवक ने बताया, ‘जब हमारे पास रोजगार के मौके नहीं हैं, सेना में नियुक्त होने के बाद हम देश की सेवा कर सकते हैं. परिवार को भी सुरक्षित कर सकते हैं.’ वहीं, एक अन्य उम्मीदवार का कहना था, ‘यह हमारे लिए बड़ा मौका है. हम चाहते हैं कि हमें लिए रोजगार के और मौके मिलें. यदि कश्मीरी की नियुक्ति (सेना में) होती है तो वे लोगों से बात कर जारी संकट को सुलझाने की कोशिश कर सकते हैं.’

घुसपैठियों को लंबे वक्त तक डिटेंशन सेंटर में रोके जाने को लेकर केंद्र और असम को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने घुसपैठियों को लंब वक्त तक डिटेंशन सेंटर में रोके जाने को लेकर केंद्र और असम सरकार को फटकार लगाई है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने दोनों सरकारों से कहा है कि यदि वे घुसपैठियों को निर्वासित नहीं कर रही हैं तो इन्हें छोड़ क्यों नहीं देती हैं. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को दो हफ्ते के भीतर विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और असम सरकार के साथ बैठक कर बीते 10 वर्षों से डिटेंशन सेंटर में कैद लोगों पर विचार करने को कहा है.

तीन तलाक पर एक बार फिर अध्यादेश को कैबिनेट की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने तीन तलाक को लेकर अध्यादेश लागू करने को एक बार फिर मंजूरी दी है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक इसके अलावा तीन अन्य कानूनों को भी अध्यादेश के जरिए लाने के लिए कैबिनेट ने अपनी सहमति दी है. इनमें इंडियन मेडिकल काउंसिल विधेयक, कंपनी कानून संशोधन विधेयक और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम विधेयक है. हालांकि, इस सूची में विवादित नागरिक संशोधन विधेयक को शामिल नहीं किया गया है. इन सभी विधेयकों को संसद के बजट सत्र में पेश किया गया था, लेकिन सरकार इन्हें पारित करवाने में विफल रही थी. वहीं, इनमें शामिल बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम विधेयक के तहत सभी डिपॉजिट स्कीमें जो नियमों के तहत नहीं चल रही है, उन्हें गैर-कानूनी करार दिया जाएगा.

तमिलनाडु : लोकसभा चुनाव में भाजपा और अन्नाद्रमुक एक साथ

तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने भाजपा के साथ लोकसभा के चुनावी दंगल में उतरने का फैसला किया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक पीएमके भी इस गठबंधन का हिस्सा होगा. मंगलवार को भाजपा नेता पीयूष गोयल और अन्नाद्रमुक के ओ पन्नीरसेल्वम ने इस फैसले का एलान किया. इसके तहत तमिलनाडु और पुडुचेरी की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा को पांच और पीएमके को सात सीटें दी गई हैं. बताया जाता है कि विजयकांत की नेतृत्व वाली डीएमडीके भी गठबंधन में शामिल हो सकती है.