हाल के समय में भाजपा के खिलाफ एक के बाद एक तीखी टिप्पणियां करने वाली शिवसेना वापस उसी के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है. इसे लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का कहना है कि भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ व्यवहार करने का तरीका बदल लिया है, इसलिए उन्होंने वापस उससे गठबंधन करने का फैसला किया. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मंगलवार को अपने आवास पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा, ‘मैंने उनके (भाजपा) लोगों से व्यवहार करने के तरीके में बदलाव देखा, इसलिए भाजपा से हाथ मिलाने का फैसला किया.’

वहीं, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत का कहना है कि उनकी पार्टी ने भाजपा को अपना व्यवहार सुधारने का एक मौका और दिया है. उन्होंने कहा कि आज की भाजपा ‘वास्तविक’ भाजपा नहीं है. राउत ने कहा, ‘कांग्रेस और एनसीपी की तरह आज भाजपा भी आधी भ्रष्ट हो चुकी है. वह कभी भी (महाराष्ट्र में) हमारी जगह नहीं ले पाएगी.’

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में राउत ने चुनावी समीकरणों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में भाजपा को 100 सीटें कम मिलती हैं, तो प्रधानमंत्री चुनने का फैसला एनडीए के हाथ में होगा. दरअसल, केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता नितिन गडकरी को प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर किए सवाल पर संजय राउत ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री पद के लिए गडकरी का समर्थन नहीं किया. ऐसी रिपोर्टें आरएसएस और मीडिया से आ रही हैं. हमने भाजपा के सामने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है.’ राउत ने आगे कहा, ‘केवल गडकरी ही क्यों? भाजपा के पास और भी चेहरे हैं. अगर भाजपा को पिछली बार के मुकाबले 100 सीटें कम मिलीं तो एनडीए तय करेगा कि कौन प्रधानमंत्री होगा.’