सऊदी अरब के शासक प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों पक्षों की द्विपक्षीय मसलों सहित वैश्विक आतंकवाद के मुद्दे पर भी बात होगी.

ख़बरों के मुताबिक प्रिंस सलमान से द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक संयुक्त बयान भी जारी किया जा सकता है. लिहाज़ा सबकी नज़रें इस पर लगी हैं कि इस संयुक्त बयान में वैश्विक आतंकवाद का मसला शामिल किया जाता है या नहीं. अगर ऐसा हुआ तो यह भारत की बड़ी राजनयिक जीत मानी जाएगी. इसकी वज़ह ये है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते सप्ताह ही सीआरपीएफ (केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल) के काफ़िले पर आतंकी हमला हुआ था. इसमें 42 जवान शहीद हुए थे.

पुलवामा आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. इस संगठन के सरगना मसूद अजहर को पाकिस्तानी सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी का संरक्षण मिला है. तिस पर ग़ौर करने वाली बात ये भी कि सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान हमेशा से तरज़ीही मुल्क रहा है. प्रिंस सलमान ने ख़ुद हाल में ही कहा था कि वे पहली बार पूरब (पूर्वी देशों की) की यात्रा पर निकले हैं और इसमें सबसे पहले पाकिस्तान पहुंचे. इससे सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान की अहमियत पता चलती है.

प्रिंस सलमान मंगलवार की रात ही भारत पहुंचे हैं. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ख़ुद उनकी अगवानी की थी. इससे पहले वे दो दिन पाकिसतान यात्रा पर थे. इन्हीं तमाम संदर्भों में उनकी भारत यात्रा को काफ़ी अहम माना जा रहा है.