राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने बीते हफ्ते जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर एक बड़ा बयान दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा है, ‘अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म कर दिया जाए. इस व्यवस्था से वहां के अलगाववादियों को बढ़ावा मिलता है. वहीं दूसरी तरफ देश की एकता और अखंडता को इससे चुनौतियां मिलती हैं. अगर इसे खत्म किया जाता है तो उस राज्य को भी इससे बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचेगा.’

कल्याण सिंह ने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ऐसे व्यक्ति हैं जो सफलतापूर्वक इस व्यवस्था को हटा सकते हैं. किसी दूसरे नेता के पास ऐसा कर पाने की क्षमता नहीं है.’ इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आतंकवाद और आतंक फैलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का विश्वास भी जाहिर किया है. कल्याण सिंह का यह भी कहना है, ‘भारत की सेना को कम नहीं आंकना चाहिए. उसके पास गजब की क्षमता है. मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी सेना जल्दी ही पाकिस्तान को कड़ा स​बक सिखाएगी.’

यह पहला मौका नहीं है जब किसी धारा 370 को हटाने की मांग की गई है. भारतीय संविधान की धारा या अनुच्छेद 370 के जरिये जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिलता है. इसके जरिये देश के अन्य राज्यों की तुलना में वहां की विधानसभा को कई विशेषाधिकार मिले हैं. इसी व्यवस्था के चलते जम्मू-कश्मीर का झंडा अलग है. वहां के लोगों के पास दोहरी नागरिकता की सुविधा है. भारतीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश वहां मान्य नहीं होते और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान भी वहां अपराध नहीं माना जाता. ऐसी और भी कई व्यवस्थाएं हैं. इन्हीं वजहों से इस धारा को खत्म करने के लिए वर्षों से कई नेता मांग करते रहे हैं.