‘आतंकवाद भारत और सऊदी अरब की साझी समस्या है.’  

— मोहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के युवराज

मोहम्मद बिन सलमान ने यह बात दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई में भारत के प्रयत्नों की प्रशंसा भी की. साथ ही यह भी कहा, ‘आतंकवाद से लड़ाई के मोर्चे पर सऊदी अरब खुफिया सूचनाओं को साझा करके भारत की मदद करेगा.’ उनका यह भी कहना था कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो इसके लिए सऊदी अरब भारत सहित अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ इस मसले पर सहयोग भी करेगा.

‘देश में आतंकवाद बढ़ने के लिए कांग्रेस की नीतियां जिम्मेदार हैं.’  

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ ने यह बात ओडिशा में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने में सिर्फ नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ही सक्षम है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ी जाने वाली लड़ाई किसी एक व्यक्ति या फिर पार्टी की नहीं है. यह पूरे राष्ट्र की लड़ाई है जिसमें हर देशवासी को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिलकर काम करने का संकल्प लेना चाहिए.’


‘अब वक्त आ गया है कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म की जाए.’  

— कल्याण सिंह, राजस्थान के राज्यपाल

कल्याण सिंह का यह बयान पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इस व्यवस्था से जहां कश्मीरी अलगाववादियों को बढ़ावा मिलता है तो वहीं दूसरी तरफ इससे देश की एकता व अखंडता को चुनौतियां मिलती हैं. इसके खत्म होने से जम्मू-कश्मीर को भी फायदा मिलेगा. कल्याण सिंह के मुताबिक, ‘नरेंद्र मोदी ही ऐसे व्यक्ति हैं जो सफलतापूर्वक धारा 370 की व्यवस्था को हटा सकते हैं.


‘भारतीय जनता पार्टी लाचार होकर शिवसेना और एआईएडीएमके जैसे दलों से गठबंधन कर रही है.’  

— मायावती, बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो

मायावती ने यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी गठबंधनों पर तंज कसते हुए कही है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चाहे जितने गठबंधन कर ले अगले चुनाव में उसे जीत मिलने वाली नहीं है. उनके मुताबिक, ‘भाजपा की जनविरोधी नीति और उसके अहंकारी रवैये से आज हर वर्ग दुखी व त्रस्त है. आम लोग भाजपा का घमंड अगले चुनाव में तोड़ेंगे.’ इससे पहले इसी हफ्ते भाजपा ने तमिलनाडु में एआईएडीएमके व महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ चुनावी गठबंधन की घो​षणा की थी.


‘महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का पद साझा करने की शर्त पर ही भाजपा से गठबंधन हुआ है.’  

— रामदास कदम, शिवसेना के वरिष्ठ नेता

रामदास कदम का यह बयान भाजपा नेता चंद्रकांत पाटील के एक बयान पर पलटवार करते हुए आया है. उनके मुताबिक भाजपा-शिवसेना के बीच हुए चुनावी गठबंधन की शर्तों में ‘मुख्यमंत्री पद साझा’ करने वाली शर्त भी शामिल है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘अगर भाजपा अपना वादा पूरा नहीं करना चाहती तो वह चुनाव से पहले ही गठबंधन तोड़ने के लिए स्वतंत्र है.’ इससे पहले चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि महाराष्ट्र में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी को ही मुख्यमंत्री का पद मिलेगा.