पुलवामा आतंकी हमले के बाद सीआरपीएफ, सेना और बीएसएफ ने फैसला किया है कि अब से उनके काफिले एक ही समय पर चला करेंगे. इस दौरान काफिले के रास्तों का ट्रैफिक रुका रहेगा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू से श्रीनगर वाले काफिले की मूवमेंट एक दिन से बढ़ा कर दो दिन कर दी गई है. अब इस रास्ते से गुजरने वाले सैन्य वाहन पहले के मुकाबले ज्यादा जगहों पर रुक-रुक कर चलेंगे. इसलिए रास्ते में पड़ने वाले कैंपों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. साथ ही पुलवामा और पंपोर जैसे संवेदनशील इलाकों के मद्देनजर काफिले के निकलने के समय निर्धारण में भी बदलाव किया जाएगा.

खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन बैठकों को लेकर बताया, ‘घाटी में तीन अलग-अलग सुरक्षा बल भारी संख्या में मौजूद हैं. हर दिन कोई न कोई मूवमेंट होती है. ऐसे में अलग-अलग काफिलों के आने-जाने से पूरी घाटी में जाम लग सकता है और हमें भी खतरा हो सकता है. इसलिए हमने तय किया है कि तीनों सुरक्षा बल अब एक समय पर एक साथ चलेंगे.’ अधिकारी ने कहा कि अगर तीनों सुरक्षा बल एक साथ नहीं चल पाते तो उन्हें एक के बाद एक की तर्ज पर चलाया जाएगा. इस बीच आम ट्रैफिक को चलने की अनुमति दी जा सकती है.

इस बदलाव को लेकर अधिकारी ने कहा, ‘असली खतरा काजीकुंड और बनिहाल से शुरू होता है. बीच रास्तों में काफिलों पर हमला होने का खतरा रहता है. हमने पाया है कि ज्यादातर हमले दोपहर के समय होते हैं. इसलिए तय किया गया है कि अब से इन रास्तों के लिए काफिलों को सुबह चला जाएगा.’ सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सुरक्षा बलों को रात में पड़ाव डालना पड़ेगा. इस पर सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने फैसला किया है कि हमारे काफिले काजीकुंड में ही रात गुजारेंगे और अगले दिन सुबह श्रीनगर के लिए निकलेंगे. इसके लिए हम काजीकुंड की कैंप क्षमता बढ़ा रहे हैं.’