विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में वे सऊदी अरब के शहज़ादे मोहम्मद बिन सलमान के साथ दिख रही हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के ट्विटर हैंडल से शेयर की गई इस तस्वीर में प्रिंस सलमान के पीछे उनके देश का झंडा तो दिखाई दे रहा है. लेकिन सुषमा स्वराज के पीछे भारत का झंडा ग़ायब है. इसी पर ट्विटर व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर हंगामा बरपा है.

इन दिनों एक बड़े तबक़े में राष्ट्र प्रेम की भावना उछाल मार रही है. इसलिए कई लोगों ने इस तस्वीर को देखने के बाद सुषमा स्वराज, भारत सरकार और भाजपा पर अपना ग़ुस्सा उतारा है या नाराज़गी ज़ाहिर की है. लेकिन क्या यह ग़ुस्सा या नाराज़गी जायज़ है?

हाल के सालों में कट्टर राष्ट्रवाद को जिस तरह राजनीतिक रूप से बढ़ावा दिया गया है, उसे देखते हुए यह ग़ुस्सा ऐसी राजनीति का दुष्प्रभाव, यानी साइडइफ़ेक्ट कहा जा सकता है. इसलिए कई लोग इसे जायज़ भी ठहरा सकते हैं. लेकिन हमारी जांच-पड़ताल में निष्कर्ष यह निकला कि इस तस्वीर में सुषमा स्वराज के पीछे भले ही तिरंगा नहीं है, इसके बावजूद उनकी या सरकार की आलोचना सही नहीं है.

दरअसल गुस्सा या नाराज़गी ज़ाहिर करने के चक्कर में लोग यह नहीं देख रहे कि सुषमा स्वराज और प्रिंस सलमान के पीछे एक तस्वीर है जो भारत के किसी महान नेता की नहीं, बल्कि सऊदी अरब के बादशाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद की है. सोचने वाली बात है कि भारत के किसी मंत्रालय में सऊदी अरब के बादशाह की तस्वीर भला क्यों लगेगी! जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से मुलाक़ात के दौरान ली गई एक तस्वीर में पीछे पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर है.

पाकिस्तान में इमरान ख़ान से बातचीत करते प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)
पाकिस्तान में इमरान ख़ान से बातचीत करते प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)

सत्याग्रह ने जब इस तस्वीर से जुड़े और तथ्य जानने की कोशिश की तब इस दौरान हमें ऐसी कई तस्वीरें मिलीं जिनमें प्रिंस सलमान के साथ दिख रहे दूसरे देशों के प्रतिनिधियों के पीछे भी उनके देश का झंडा नहीं है. ऐसा क्यों है, इसका जवाब सऊदी अरब के बादशाह सलमान के आधिकारिक आवास और सऊदी सरकार के कार्यालय से जुड़ा है. लेकिन आगे बढ़ने से पहले वायरल तस्वीर के फ़्रेम में दिख रही अन्य चीजों (ऑब्जेक्ट्स) पर भी ध्यान दे लेते हैं.

हमने पहले ही बताया कि इस तस्वीर में सऊदी किंग की तस्वीर दिख रही है. इसके अलावा सुषमा स्वराज और प्रिंस सलमान के बीच दिख रही टेबल पर एक लैंडलाइन फ़ोन और किताब के आकार की एक और चीज़ रखी हुई है. शायद यह पवित्र क़ुरआन है या किसी तरह का संदेश. बहरहाल, आगे जो तस्वीरें आप देखेंगे, उनमें भी आपको यही ‘किताब’ और इसी डिज़ाइन के फ़ोन दिखाई देंगे.

बहरीन समकक्ष सलमान बिन हामद बिन इसा ख़लीफ़ा के साथ प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)
बहरीन समकक्ष सलमान बिन हामद बिन इसा ख़लीफ़ा के साथ प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)
2019 की एक तस्वीर में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ प्रिंस सलमान (साभार : एएफपी)
2019 की एक तस्वीर में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ प्रिंस सलमान (साभार : एएफपी)
2018 की एक और तस्वीर में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ प्रिंस सलमान (साभार : एएफपी)
2018 की एक और तस्वीर में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के साथ प्रिंस सलमान (साभार : एएफपी)
अमेरिका के कोषागार मंत्री स्टीवन मनूचिन के साथ प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)
अमेरिका के कोषागार मंत्री स्टीवन मनूचिन के साथ प्रिंस सलमान (तस्वीर : एएफपी)

इन तस्वीरों में जिन देशों के प्रतिनिधियों के पीछे उनके देश का झंडा नहीं है, उनमें अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो व कोषागार मंत्री स्टीवन मनूचिन तक शामिल हैं. इनके अलावा प्रिंस सलमान के मिस्र व बहरीन समकक्षों के पीछे भी उनके देश का झंडा नहीं है. अब आपको सुषमा स्वराज की एक और तस्वीर दिखाते हैं जिनमें उनके साथ सऊदी बादशाह सलमान दिखाई दे रहे हैं. इसमें भी भारतीय विदेश मंत्री के पीछे झंडा नहीं है.

सऊदी अरब में किंग सलमान के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (साभार : अरब न्यूज़/ट्विटर)
सऊदी अरब में किंग सलमान के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (साभार : अरब न्यूज़/ट्विटर)

दरअसल ये सभी तस्वीरें सऊदी अरब के बादशाह के आवास व कार्यालय की हैं, या फिर अलग-अलग देशों में बने सऊदी दूतावासों की. इसीलिए इन सभी में दिख रहे फ़ोन व किताब एक ही हैं. अगर कार्यालय प्रिंस सलमान का है तो उसमें लगी तस्वीर किंग सलमान की है. वहीं, अगर कार्यालय किंग सलमान का है तो उसमें दिख रही तस्वीर किसी पूर्व सऊदी बादशाह की है. अब रही बात झंडे की तो सभी देश अपने-अपने सरकारी कार्यालयों व दूतावासों में अपने ही देश के झंडे लगाते हैं.

प्रिंस सलमान का भारत दौरा मात्र 30 घंटे का था. इतने समय में उन्होंने ज़्यादा से ज़्यादा काम करने की कोशिश की होगी. शायद इसीलिए उन्होंने भारत के विदेश मंत्रालय के कार्यालय में न जाकर यहां की विदेश मंत्री को अपने दूतावास में आने का निमंत्रण दिया. दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान तस्वीरें खींची गईं. वीडियो भी बनाया गया जिसमें प्रिंस सलमान भारत की विदेश मंत्री का स्वागत करते दिख रहे हैं. हम नीचे इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं. इसे भारत में सऊदी दूतावास के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है. इन तमाम बातों से साफ़ हो जाता है कि वायरल तस्वीर पर हंगामा करना बेमतलब है.