माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डोर्सी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से जुड़ी संसदीय समिति के सामने पेश नहीं होंगे. अब उनकी जगह ट्विटर के लोक नीति (पब्लिक पॉलिसी) प्रमुख कोलिन क्रोवेल को भेजा जाएगा. आईटी पर संसदीय समिति ने ट्विटर के प्रमुख जैक डोर्सी को 25 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था.

ट्विटर के प्रवक्ता की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘हम सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्मों पर नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर ट्विटर के विचार सुनने के मकसद से आमंत्रित किए जाने लिए संसदीय समिति का धन्यवाद करते हैं.’ इसी बयान में जानकारी दी गई है कि ट्विटर के लोक नीति विभाग के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष कोलिन क्रोवेल सोमवार को समिति के साथ बैठक करेंगे.

बीते दिनों एक दक्षिणपंथी संगठन ने आरोप लगाया था कि ट्विटर इस विचारधारा से जुड़े लोगों के प्रति दुराग्रह रखता है और शिकायत मिलने पर तुरंत ही इन लोगों के ट्विटर हैंडल ब्लॉक कर देता है. इस संगठन ने आईटी पर बनी संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर से इस बात की शिकायत भी की थी. इसी के बाद समिति ने इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘भारतीय नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के मसले’ पर ज़वाब-तलब के लिए ट्विटर के सीईओ को बुलाया था.

ठाकुर की अध्यक्षता में इस संसदीय समिति की बैठक 11 फरवरी को होनी थी लेकिन तब जैक डोर्सी ने इसमें शामिल होने को लेकर असमर्थता जता दी थी. उनके बदले ट्विटर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों को समिति के सामने पेश होना था. हालांकि संसदीय समिति ने इन अधिकारियों से यह कहते हुए मिलने से मना कर दिया था कि वह केवल ट्विटर के सीईओ या उनकी वैश्विक टीम के किसी वरिष्ठ सदस्य से ही बात करेगी जो कि भारत में ट्विटर के परिचालन से जुड़े अहम फैसले लेता हो.