जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों पर व्यापक कार्रवाई के संकेतों के बीच शुक्रवार रात जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया. पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर भीषण आतंकवादी हमले के आठ दिन बाद यह कार्रवाई सामने आई है. पीटीआई के मुताबिक अभी किसी और अलगाववादी नेता को हिरासत में लिये जाने की पुष्टि नहीं की गई है. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यासीन मलिक को बीती देर रात को उनके मायसूमा स्थित आवास से हिरासत में लिया गया. बताया जा रहा है कि वहां से पुलिस उन्हें कोठीबाग थाने ले गई. 26 फरवरी के आसपास अनुच्छेद-35ए पर सुनवाई होनी है. समझा जा रहा है कि इसी के चलते एहतियातन मलिक को हिरासत में लिया गया है. इससे पहले पुलवामा हमले के बाद सरकार ने यासीन मलिक और समेत कुछ हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी. हालांकि इसे लेकर मलिक का कहना था कि उन्हें राज्य से कभी कोई सुरक्षा नहीं मिली.