‘देश के युवा रोजगार संकट से गुजर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर रही.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारा पड़ोसी चीन आर्थिक तौर पर तेजी से बढ़ रहा है. आज अनेक उत्पादों पर हम मेड इन चाइना लिखा देखते हैं. लेकिन मैं समझता हूं कि हम चीन से कहीं आगे निकल सकते हैं.’ राहुल गांधी के मुताबिक, ‘ऐसा संभव करने के लिए हमें पहले अपने देश के रोजगार संकट को दूर करना होगा.’

‘पुलवामा हमले के बाद देश में कश्मीरियों के खिलाफ हिंसा जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए थीं.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी का यह बयान बीते हफ्ते पुलवामा में आतंकी हमले के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में कश्मीरियों के साथ हुई हिंसा की निंदा करते हुए आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, कश्मीरियों के खिलाफ नहीं.’ नरेंद्र मोदी के मुताबिक, ‘भारत उन लोगों से लड़ रहा है जो मानवता के दुश्मन हैं.’ इस मौके पर पुलवामा हमले में शहीदों के परिवारों के साथ संवेदना जताते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘आज सिर्फ देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व आपके साथ है.’


‘यह कोई एक सप्ताह की लड़ाई नहीं है, हमें निर्णायक जीत चाहिए.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने यह बात मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘पाकिस्तान ने अपनी जमीन पर अब तक आतंक का खात्मा नहीं किया है. लिहाजा उस जैसे धूर्त देश को सही राह पर लाने के लिए हम सभी तरीके इस्तेमाल करेंगे.’ अरुण जेटली का यह भी कहना था, ‘इस लड़ाई को कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जाना है. इसलिए इसे इस तरह लड़ना है कि इसमें निर्णायक जीत हमारी हो.’


‘अगर पाकिस्तान से युद्ध हुआ तो आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा.’  

— फारुक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

फारुक अब्दुल्ला का यह बयान भारत-पाकिस्तान के तनाव भरे मौजूदा रिश्तों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि कोई भी युद्ध आपको अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंचाता. दोनों देशों के बीच चार युद्ध हो चुके हैं पर स्थिति जस की तस है. उन्होंने आगे कहा, ‘यदि इस बार दोनों के बीच युद्ध हुआ तो यह भीषण होगा. साथ ही वह मुद्दा सीधे सुरक्षा परिषद् तक पहुंचेगा. उस पर सुरक्षा परिषद् के अनेक प्रस्ताव आएंगे.’ फारुक अब्दुल्ला ने सवालिया लहजे में आगे कहा, ‘क्या भारत उनके लिए तैयार है.


‘अगर दोनों पड़ोसी देशों ने हाथ मिलाया तो इसका सबसे ज्यादा फायदा नई दिल्ली को होगा.’  

— रमेश कुमार वांकवानी, पाकिस्तान के सांसद

रमेश कुमार वांकवानी ने यह बात प्रयागराज के कुंभ मेले में भारत-पाकिस्तान के आपसी रिश्तों में शांति लाने की अपील करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरे देश की सरकार भारत के साथ तनावभरे रिश्ते नहीं चाहती. अगर ऐसी कोई बात है तो मैं अपने देश की सरकार के साथ बात करूंगा.’ रमेश कुमार वांकवानी ने दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध कायम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पेशकश भी की. वांकवानी 185 देशों के 220 सदस्यीय उस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं जो सरकार के आमंत्रण पर कुंभ मेले में हिस्सा लेने भारत आया हुआ है.