मध्य प्रदेश के चित्रकूट से 12 दिन पहले किडनैप किए गए पांच साल के दो जुड़वां भाइयों की हत्या के मामले में राजनीति गरमा गई है. शनिवार को प्रियांश रावत और श्रेयांश रावत के शव उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना नदी के किनारे पर मिले थे. इसी को लेकर भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. उधर, पीड़ित परिवार ने आरोपितों को फांसी दिए जाने की मांग की है. बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम मिलने के बाद भी दोनों बच्चों को पानी में डुबा कर मार डाला.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इस वाकये को लेकर मध्य प्रदेश की मुख्य विपक्ष पार्टी भाजपा ने मांग की है कि प्रदेश के गृह मंत्री इस्तीफा दें. पार्टी के मुताबिक कांग्रेस के नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार मध्य प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण करने में विफल हो रही है. वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रही है, क्योंकि बच्चों की हत्या मध्य प्रदेश में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में हुई. राजनीतिक गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वे पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाएंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में राजनेताओं की भूमिका की भी जांच करेगी.

खबर के मुताबिक अपहरण-हत्या की इस घटना को कुल छह लोगों ने अंजाम दिया है. पुलिस के मुताबिक दोनों बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर ने पांच इंजीनियरिंग छात्रों के साथ मिल कर पहले उनका अपहरण किया और फिरौती की रकम (20 लाख रुपये) मिलने के बाद उनकी हत्या कर दी. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी चंचल शेखर ने आरोपितों के बारे में बताया, ‘एक आरोपित रामकेश यादव (26) दोनों बच्चों को पढ़ाता था. उसने अन्य आरोपितों को बताया था कि उनके पिता काफी पैसा दे सकते हैं.’ वहीं, रीवा रेंज के डीआईजी अविनाश शर्मा ने कहा कि सभी आरोपितों ने अपना गुनाह कबूल लिया है. उनके मुताबिक पुलिस ने उनसे 16 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं. इसके अलावा एक हैंडगन, बोलेरो जीप और चार मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं.