पश्चिम बंगाल के सेवानिवृत्त आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) जीसी दत्त की आत्महत्या से नया विवाद पैदा हो गया है. ख़बरों के मुताबिक दत्त ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि उन्हीं की वज़ह से वे आत्महत्या करने पर मज़बूर हुए. दत्त 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. उन्होंने 19 फरवरी को आत्महत्या की थी.

बताया जाता है कि अब इस घटना के बाद दत्त की पत्नी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकती हैं. ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से भाजपा में आए वरिष्ठ नेता मुकुल राॅय उनका साथ दे रहे हैं. ख़बरों की मानें तो आत्महत्या से पहले लिखा गया जीसी दत्त का सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है. इसमें उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें सेवानिवृत्ति से पहले ‘अनिवार्य प्रतीक्षा’ (अगली पदस्थापना के बग़ैर उसके इंतज़ार में) की स्थिति में रखा. यही नहीं जब वे 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए तब उनके बकाये का भुगतान भी रोक कर रखा.

A 1986 batch IPS officer of West Bengal cadre GC Dutt committed suicide on February 19. He has accused West Bengal CM Mamta Banerjee for abetment. pic.twitter.com/4CV9uT3fwB

— Sumit Kumar Singh (@invincibleidea)February 21, 2019

इस घटना के बाद भाजपा नेता मुकुल रॉय ने मांग की है कि एक पूर्व अधिकारी काे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में ममता बनर्जी को ग़िरफ़्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या की है. साथ ही एक पार्टी के नेता और सरकार के मुखिया पर आरोप लगाए हैं.’ भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मामले की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराने की मांग की है.

ग़ौरतलब है कि दत्त को 2010 में एक पुरुष सिपाही के यौन उत्पीड़न के आरोप में निलंबित किया गया था. इसके बाद उन्हें जब बहाल किया गया तो ‘पदस्थापना की प्रतीक्षा’ की स्थिति में रखा गया. इस दौरान वे बार-बार ख़ुद को निर्दोष बताते रहे. दूसरी तरफ मामले की जांच भी जारी रही. इसी के चलते सेवानिवृत्ति के बाद उनके बकाये का भुगतान भी रोक लिया गया. इसी दबाव में उन्होंने बीते मंगलवार, 19 फरवरी को अपने साल्ट लेक स्थित घर में आत्महत्या कर ली थी.