सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर बनी संसदीय समिति ने ट्विटर से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव पर विदेशी ताकतों का प्रभाव न पड़े. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति के साथ सोमवार को ट्विटर के अधिकारियों की बैठक तीन घंटे तक चली है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक समिति ने इस सोशल मीडिया वेबसाइट से यह भी कहा है कि वह चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करे और जरूरी मसलों का तुरंत समाधान भी करे. वहीं अनुराग ठाकुर ने बताया है कि फेसबुक, वॉट्सएप और इन्स्टाग्राम के अधिकारी छह मार्च को संसदीय समिति के सामने पेश होंगे.

पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संसदीय समिति के सामने ट्विटर अधिकारियों ने ज्यादातर सवालों के जवाब दिए हैं. हालांकि इसके साथ ही उन्हें कुछ सवालों के जवाब दस दिन के भीतर लिखित में देने को कहा गया है.

लोकसभा चुनाव के दौरान ट्विटर के गलत इस्तेमाल की आशंकाओं के चलते इस संसदीय समिति ने बीते दिनों इस कंपनी के सीईओ जैक डोर्सी को अपने सामने पेश होने को कहा था. हालांकि उनके द्वारा इसमें असमर्थता जताए जाने के बाद कंपनी के लोक नीति (पब्लिक पॉलिसी) प्रमुख कोलिन क्रोवेल सोमवार को संसदीय समिति के सामने पेश हुए.