जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने बड़ा जवाबी हमला किया है. भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान में चल रहे कई आतंकी कैंपों पर भारी बमबारी कर उन्हें पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है. आइए जानते हैं इस हमले से जुड़ी 10 बड़ी बातें:

1-विदेश सचिव विजय गोखले के मुताबिक खुफिया सूचना मिली थी कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाला जैश-ए-मोहम्मद देश के दूसरे हिस्सों में भी आत्मघाती हमलों की योजना बना रहा है. उनका कहना है कि इसके लिए फिदायीनों को ट्रेनिंग दी जा रही थी, विजय गोखले के मुताबिक इस खतरे को टालने के लिए यह कार्रवाई जरूरी हो गई थी.

2-खबरों के मुताबिक तड़के साढ़े तीन बजे अंबाला से 12 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी. आधे घंटे के भीतर उन्होंने मुजफ्फराबाद, चकोटी और बालाकोट में चल रहे आतंकी कैंपों पर 1000 किलो वजनी बम गिराकर उन्हें तबाह कर दिया.

3-बालाकोट में जैश का सबसे बड़ा ट्रेनिंग कैंप बताया जाता है. इसे इस आतंकी संगठन के मुखिया मसूद अहजर का साला यूसुफ अजहर चला रहा था.सरकारी सूत्रों के हवाले से चल रही कुछ खबरों में कहा गया है कि इस कार्रवाई में 200 से 300 आतंकी मारे गए हैं. उधर, विजय गोखले ने कोई आंकड़ा तो नहीं बताया पर यह जरूर कहा कि मरने वाले आतंकियों की तादाद बड़ी है.

4-मुजफ्फराबाद और चकोटी पाक अधिकृत कश्मीर में हैं जबकि बालाकोट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में पड़ता है. इससे साफ है कि भारतीय विमानों ने पाकिस्तान की वायु सेना और प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देते हुए काफी भीतर जाकर कार्रवाई की.

5- जो 1000 किलो वजनी बम आतंकी कैंपों पर गिराए गए वे लेजर गाइडेड तकनीक से संचालित होते हैं. इसके तहत पहले एक लेजर बीम से लक्ष्य को लॉक किया जाता है और फिर बम छोड़ा जाता है. इससे सटीक निशाना लगाने में तो मदद मिलती ही है, नुकसान का फीडबैक भी मिल जाता है.

6- उधर, पाकिस्तान ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय विमानों ने मुजफ्फराबाद सेक्टर से घुसपैठ की. पाकिस्तानी वायु सेना की तरफ़ से फौरन और प्रभावी कार्रवाई की गई जिसके बाद वे वापस चले गए.’ उनका यह भी दावा है कि भारतीय विमानों ने वापस जाते हुए हड़बड़ा कर कुछ बम गिराए जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ है.’

7- 1971 के युद्ध के बाद यह पहली बार है जब भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी सीमा में जाकर कार्रवाई की है. 1999 में कारगिल की लड़ाई के वक्त इस पर विचार हुआ था, लेकिन फिर वाजपेयी सरकार ने वायु सेना की कार्रवाई को भारतीय सीमा तक ही रखने का फैसला किया.

8- इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वायु सेना को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया है, ‘मैं भारतीय वायुसेना के पायलटों को सलाम करता हूं.’ आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी वायु सेना को बधाई दी है.

9-उधर, पाकिस्तान ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक बुलाई है. यह बैठक वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की अध्यक्षता में बुलाई गई है.

10- भारतीय वायु सेना ने अब वायु सीमा सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट जारी कर दिया है. यह कदम पाकिस्तान की तरफ से किसी संभावित प्रतिक्रिया के मद्देनजर उठाया गया है. अलर्ट नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान से लगती अंतररराष्ट्रीय सीमा, दोनों के पास स्थित वायु सेना के ठिकानों के लिए जारी हुआ है.