भारत के विदेश सचिव विजय गोखले भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पाकिस्तानी सीमा में किए हवाई हमले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक विदेश सचिव ने कहा है कि इस बात की पुख्ता जानकारी थी कि जैश-ए-मोहम्मद देश के दूसरे हिस्सों में भी आत्मघाती हमले करने की कोशिश में था. उन्होंने कहा कि इसके लिए जैश फिदायीन जिहादियों को प्रशिक्षण भी दे रहा था. विदेश सचिव के मुताबिक इसीलिए पहले ही हमला कर जैश को तबाह करना जरूरी हो गया था. उन्होंने कहा कि आईएएफ ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े कैंप को तबाह कर दिया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक विजय गोखले ने कहा कि इस हवाई हमले में बड़ी संख्या में जैश के आतंकी मारे गए हैं. इनमें आतंकियों के प्रशिक्षक, सीनियर कमांडर और अन्य जिहादी भी शामिल हैं. विदेश सचिव के मुताबिक बालाकोट स्थित कैंप को मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी चला रहा था जो जैश के प्रमुख मसूद अजहर का रिश्तेदार है. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए सभी कदम उठाने को प्रतिबद्ध है. यह गैर सैन्य कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को निशाना बनाते हुए की गई है. हमने आम नागरिकों को ध्यान रखते हुए यह कार्रवाई की है.’