पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के जवाब में मंगलवार तड़के भारत ने भी बड़ी कार्रवाई की है. भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में चल रहे आतंकी कैंपों पर भारी बमबारी कर उन्हें पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. इनमें पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में चल रहा जैश-ए-मोहम्मद का सबसे बड़ा ट्रेनिंग कैंप भी शामिल है. इस हमले में कई आतंकियों के मारे जाने की खबर है. भारत के विदेश सचिव विजय गोखले के मुताबिक यह हमला जरूरी हो गया था क्योंकि जैश के फिदायीन भारत में हमलों की तैयारी कर रहे थे. पुलवामा में हुए हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी.

भारत द्वारा किए गए इस हमले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह पाकिस्तान के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई है. उनके मुताबिक यह नियंत्रण रेखा का उल्लंघन है, लिहाज़ा पाकिस्तान को भी आत्मरक्षा के लिए समुचित जवाब देने का पूरा हक़ है और सही वक्त पर जवाब दिया जाएगा.

भारत की पाकिस्तान पर की गई कार्रवाई और उस पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान भारत पर बदले की कार्रवाई के तहत हमला करेगा. आइए जानते हैं उन वजहों के बारे में जिनके चलते पाकिस्तान द्वारा बदले की कार्रवाई न किए जाने की संभावना है और वे वजहें भी जो इससे उलट आशंका पैदा करती हैं.

पाकिस्तान द्वारा बदले की कार्रवाई न किए जाने की वजहें

पाकिस्तान के भारत पर बदले की कार्रवाई न करने की सबसे बड़ी वजह उसकी लचर आर्थिक स्थिति है. 2016 में पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के इंचार्ज रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा एक साक्षात्कार में कहते हैं, ‘पाकिस्तान इस समय सबसे बुरी आर्थिक स्थिति में है. इमरान खान जब से प्रधानमंत्री बने हैं वे अपनी अर्थव्यवस्था पर ही जोर दे रहे हैं, अन्य देशों से पैसा मांग रहे हैं, इसलिए ऐसे में वे भारत पर हमला करने की सोच भी नहीं सकते.’

हुड्डा यह भी कहते हैं कि इस समय चीन से लेकर सऊदी अरब तक कोई भी पाकिस्तान की भारत के खिलाफ युद्ध में मदद नहीं करेगा. जहां सऊदी अरब को अपना तेल बेचने के लिए भारत की जरूरत है. वहीं अमेरिका से व्यापार युद्ध के चलते इस समय चीन भी भारत से नाराजगी मोल लेना नहीं चाहता.

कुछ जानकार एक और बात भी बताते हैं. इनके मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अच्छे से पता है कि अगर इस समय उन्होंने भारत पर हमला किया तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. भारत में दो महीने बाद ही आम चुनाव हैं और ऐसे में मोदी सरकार पाकिस्तान को तुरंत जवाब देगी. इमरान खान ने पिछले दिनों कहा भी था कि इस समय पाकिस्तान पर हमला करने से भारत में सत्ता में बैठी पार्टी को बड़ा चुनावी लाभ मिलेगा. जानकारों की मानें तो इमरान खान यह भी जानते हैं कि इसके बाद अगर यह लड़ाई लंबी चली तो पाकिस्तान भुखमरी के कगार पर भी आ सकता है.

भारतीय थिंक टैंक ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ओआरएफ) से जुड़े विदेश मामलों के जानकार मनोज जोशी ब्लूमबर्ग से बातचीत में एक और बात कहते हैं. उनके मुताबिक अगर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के जवान या फिर वहां के आम नागरिक हताहत होते तो वहां की सरकार पर बदला लेने का भारी दबाव होता. और उस स्थिति में वहां की सेना तमाम कमजोरियों के बाद भी बदला जरूर लेती. लेकिन, भारत की कार्रवाई में किसी सैन्यकर्मी या आम नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है. ऐसे में बदले की कार्रवाई की संभावना कम ही है.

पाकिस्तान बदले की कार्रवाई अगर करेगा तो क्यों?

विदेश मामलों के कुछ जानकार पाकिस्तान द्वारा जवाबी कार्रवाई की आशंका भी जाहिर करते हैं. इन जानकारों के मुताबिक इस बार कुछ ऐसा घटित हुआ है, जो चौंकाता है और इसके चलते ही पाकिस्तान के बदला लेने की आशंका दिखती है. ये लोग कहते हैं कि साल 2016 में भारत ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी जिसे पाकिस्तान ने आज तक नहीं स्वीकारा. जबकि, इसके उलट सोमवार देर रात हुई कार्रवाई को उसने तुरंत स्वीकार कर लिया. यहां तक कि सबसे पहले पाकिस्तान की सेना ने ही इसकी जानकारी दी, उसने सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो तक जारी कर दिए. जानकारों के मुताबिक ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार पाकिस्तान आखिर चीख-चीखकर क्यों दुनिया को इसकी जानकारी दे रहा है.

कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वह शायद ऐसा करके नैतिक रूप से अपने पक्ष को मजबूत कर रहा है. वह दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि भारत ने उसकी सीमा के अंदर आकर हमला किया है और अब अगर वह इसका बदला लेता है तो यह पूरी तरह जायज होगा. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी कह ही चुके हैं कि उनके देश को समुचित जवाब देने का पूरा हक है.

पाकिस्तान के कुछ पत्रकार यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान में इमरान खान की पहचान एक मजबूत और निडर नेता की बनी हुई है और उन्होंने अपनी इसी पहचान को बनाए रखने के लिए पिछले दिनों भारत की किसी भी कार्रवाई का बदला लेने की बात कही थी. ऐसे में माना जा रहा है कि भारत की कार्रवाई के बाद अब इमरान खान पर बदला लेने का भारी दबाव होगा.