दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की याचिका खारिज कर दी है. हाई कोर्ट के एकल न्यायाधीश ने आईटीओ स्थित नेशनल हेराल्ड परिसर को खाली करने का आदेश दिया था. इसे एजेएल ने दो सदस्यीय पीठ के समक्ष चुनौती दी थी. पीटीआई की खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने भी एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हालांकि हाई कोर्ट के आज आए फैसले से यह साफ नहीं हुआ कि एजेएल को परिसर कब तक खाली करना होगा. जबकि एकल पीठ के आदेश में कहा गया था कि एजेएल को परिसर दो हफ्ते में खाली करना होगा.

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान एजेएल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें देते हुए कहा था कि कंपनी के बहुसंख्यक शेयर यंग इंडिया को हस्तांतरित होने से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी हेराल्ड इमारत के मालिक नहीं बन जाएंगे. उन्होंने अदालत से यह भी कहा कि केंद्र ने जून 2018 से पहले हेराल्ड इमारत में प्रिंटिंग का काम नहीं होने मुद्दा नहीं उठाया था.

वहीं, केंद्र की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि जिस तरह से शेयरों का हस्तांतरण हुआ, उस पर गौर करते हुए अदालत को यह देखना चाहिए कि आखिर ‘हेराल्ड हाउस’ का स्वामित्व किसके पास है. कोर्ट ने केंद्र और एजेएल की दलीलें सुनने के बाद 18 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.