ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन यानी बीबीसी की हिंदी सेवा का एक सर्वे विवाद का विषय बन सकता है. इस सर्वे में कश्मीर को एक अलग देश के रूप में दिखाया गया है.

बीबीसी अपने पाठकों के बीच समय-समय पर कई तरह के सर्वे करता रहता है. शनिवार को उसकी हिंदी सेवा की वेबसाइट पर ऐसा ही एक सर्वे दिखा. यह सर्वे ब्राउजर में बीबीसी की वेबसाइट खुलते ही ‘पॉप अप बॉक्स’ के रूप में दिखता है. हालांकि, कुछ अन्य पाठकों से संपर्क करने पर सत्याग्रह को पता चला कि यह सर्वे सभी पाठकों के बजाय किसी-किसी पाठक को ही दिखता है. इस सर्वे में बीबीसी से अलग-अलग मुद्दों पर पाठकों की राय पूछी गई है. इनमें खबरों के मामले में वे किस माध्यम को पसंद करते हैं और उनके द्वारा इन पर खर्च किए जाने वाले वक्त से जुड़ी जानकारी को लेकर भी कुछ सवाल शामिल हैं.

देशों की सूची में कश्मीर का भी नाम शामिल
देशों की सूची में कश्मीर का भी नाम शामिल


इसके अलावा सर्वे में हिस्सा लेने वाले पाठकों से कुछ व्यक्तिगत जानकारी की भी मांग की गई है. इसमें एक सवाल है कि आपके जन्म का देश क्या है? और दूसरा, अभी आप किस देश में रह रहे हैं. इसके उत्तर के लिए जब देशों की सूची सामने आती है तो इसमें भारत और पाकिस्तान के साथ कश्मीर का विकल्प भी दिखता है.

सर्वे का स्क्रीनशॉट
सर्वे का स्क्रीनशॉट

कश्मीर को लेकर बीबीसी का यह रुख केवल इसी सर्वे तक ही सीमित नहीं दिखता. खुद को बेहतर बनाने के लिए यह संस्था एक और वेबसाइट के जरिये वक्त-वक्त पर पाठकों की राय लेती रहती है. यह वेबसाइट है बीबीसी ग्लोबल माइंड्स.कॉम. यहां पर मौजूद सर्वे में हिस्सा लेने के इच्छुक किसी व्यक्ति को पहले इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है. इस प्रक्रिया में आवेदक से कुछ बुनियादी सवाल पूछे जाते हैं. इनमें भी ‘कंट्री ऑफ रेजिडेंस’ और ‘कंट्री ऑफ बर्थ’ जैसे सवाल शामिल हैं. इनके जवाब के लिए जो देशों की सूची उपलब्ध कराई गई है, उसमें भी कश्मीर का नाम एक देश के तौर पर शामिल है.

बीबीसीग्लोबलमाइंड्स.कॉम पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
बीबीसीग्लोबलमाइंड्स.कॉम पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

वहीं, बीबीसी की अंग्रेजी वेबसाइट ने भी एक जगह पर कश्मीर के बारे में विस्तार से दी गई जानकारी में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के एक हिस्से को ‘आजाद जम्मू और कश्मीर’ बताया है.

कश्मीर और आतंकवाद को लेकर अपनी नीति की वजह से बीबीसी कई बार आलोचनाओं के घेरे में रहा है. वह आतंकवाद की जगह चरमपंथ और आतंकवादी की जगह चरमपंथी शब्द का इस्तेमाल करता है और कश्मीर को दो हिस्सों - भारत प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर - के रूप में अपने दर्शकों, श्रोताओं और पाठकों के सामने रखता है.