पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को शांति का नोबेल पुरस्कार दिलवाने के लिए वहां की संसद में एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा. शनिवार को देश के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के सचिवालय को यह प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर को रिहा करने के खान के फैसले से पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव दूर हुआ है. इस प्रस्ताव के मुताबिक खान ने तनाव की मौजूदा स्थिति में जिम्मेदाराना बर्ताव किया है इसलिए वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं.

सोमवार को पाकिस्तान की संसद का सत्र शुरू होगा और तब इस पर चर्चा की उम्मीद है. माना जा रहा है कि नेशनल असेंबली में यह प्रस्ताव आसानी से पारित हो जाएगा क्योंकि यहां इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का बहुमत है. हालांकि इस दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव पर मुख्य विपक्षी पार्टियों- नवाज शरीफ की पीएमएल (एन) और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) का क्या रुख रहता है.