अमेरिका ने भारत को अपनी जीएसपी (वरीयता की सामान्यीकृत प्रणाली) सूची से बाहर करने के इरादे का एलान कर दिया है. उसने भारत पर उचित व्यापारिक सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है. यह घोषणा उन रिपोर्टों के सामने आने के बाद हुई है जिनके मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद को पत्र लिख कर अपने इस कदम के बारे में अवगत कराया है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के तहत, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहिजर ने आज घोषणा की कि अमेरिका, भारत और तुर्की को विकासशील देशों को लाभ देने संबंधी जीपीएस सूची से बाहर करना चाहता है.’

यूएसटीआर के मुताबिक भारत ने अमेरिका के साथ कई व्यापारिक अड़चनें लगा रखी हैं, जिनका अमेरिका के व्यापार पर काफी गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. बयान में उसने कहा, ‘कई बार बात करने के बाद भी भारत जीएसपी के मानदंडों से संबंधित कदम नहीं उठा पाया है.’ वहीं, तुर्की को जीएसपी सूची से बाहर करने का कारण उसका आर्थिक रूप से विकसित होना बताया गया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस तरह की कार्रवाई के संकेत शनिवार को ही दे दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत सबसे अधिक कर लगाने वाला देश है और वे इस मामले में जवाबी कर लगाना चाहते हैं. एक संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘जब हम भारत को मोटरसाइकिल भेजते हैं तो उस पर 100 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाता है, लेकिन जब भारत हमें मोटरसाइकिल का निर्यात करता है तो हम कुछ भी शुल्क नहीं लगाते हैं.’