पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी शिविरों पर भारतीय वायु सेना की बमबारी के बाद भी आतंकियों की कमर पूरी तरह टूटी नहीं है. भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा के एक बयान से ऐसा संकेत मिला है. इसमें नौसेना प्रमुख ने देश पर समुद्री रास्ते से आतंकी हमले की आशंका जताई है.
दिल्ली में मंगलवार शाम भारत-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडमिरल सुनील लांबा ने कहा, ‘हमारे पास इस तरह की जानकारियां हैं कि आतंकियों को कई तरह से हमले का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें समुद्र के रास्ते से हमले का भी विकल्प शामिल है.’ ग़ौर करने की बात है कि भारत पर समुद्र के रास्ते आतंकी हमला पहले भी हो चुका है. साल 2008 में नवंबर की 26 तारीख को 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्र के रास्ते ही मुंबई पर हमला किया था. इस आतंकी हमले में 160 से अधिक लोग मारे गए थे.
लांबा ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, ‘भारत ने सरकार समर्थित आतंकवाद की गंभीर चुनौती का सामना किया है और कर रहा है. अभी तीन सप्ताह पहले हमने जम्मू-कश्मीर (पुलवामा) में आतंकी हमले की चुनौती का सामना किया है.’ नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘आतंकियों को एक ऐसे देश से सक्रिय मदद मिल रही है जो भारत को अस्थिर करना चाहता है.’ उनके मुताबिक, ‘भारत ही नहीं पूरा एशिया-प्रशांत क्षेत्र आतंकवाद का सामना कर रहा है. इस क्षेत्र में आतंकवाद कई स्वरूपों में है. इसका मुकाबला आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है.’
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