केंद्र सरकार ने गुरुवार को ‘गंभीर निजी दुराचरण’ के आरोप में राजस्थान के आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अफसर पंकज कुमार चौधरी को बर्ख़ास्त कर दिया. उन पर पत्नी को तलाक़ दिए बिना दूसरी महिला से संबंध रखने का आरोप है. हालांकि पंकज ने इस कार्रवाई को ‘दुर्भावना से प्रेरित’ बताया है. साथ ही इस आदेश के ख़िलाफ़ अदालत में अपील करने की बात कही है.

ख़बरों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीती 19 फरवरी को पंकज चौधरी को बर्ख़ास्त करने का आदेश जारी किया था. इस आदेश को अब उनके जयपुर के गांधी नगर स्थित सरकारी निवास के बाहर चस्पा भी कर दिया गया है. पंकज फिलहाल स्वास्थ्य संबंधी कारणों से छुट्‌टी पर चल रहे थे. वे 2009 बैच के आईपीएस अफसर थे.

पंकज की बर्ख़ास्तगी से संबंधित आदेश के अनुसार, ‘चार दिसंबर-2005 को संबंधित अफसर की सुधा गुप्ता से शादी हुई. दोनों का पांच मई 2018 के विवाह-विच्छेद हो गया. हालांकि इसी बीच जब दोनों की शादी टूटी नहीं थी, तभी पंकज ने दूसरी महिला से संबंधित स्थापित कर लिए. उस महिला से पंकज एक संतान के पिता भी बने.’

आदेश के मुताबिक, ‘इस तरह पंकज ने अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम- 1968 का उल्लंघन किया है. इन नियमों में स्पष्ट है कि अखिल भारतीय सेवाओं के अफसर ईमानदारी, प्रतिबद्धता और सदाचरण के उच्च मानदंड स्थापित करेंगे. अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहेंगे. और ऐसा कुछ नहीं करेंगे कि उन्हें अखिल भारतीय सेवा से असंबद्ध कर दिया जाए.’